Baba Siddiqui
मुंबई। पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या (Baba Siddiqui murder) के तार अब राजस्थान से जुड़ते नजर आ रहे हैं। हत्या के इस मामले में गिरफ्तार दसवें आरोपी भगवतसिंह ओमसिंह से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उसने तीन पिस्तौल और तीस से ज्यादा कारतूस राजस्थान से मुंबई लाने में भूमिका निभाई थी। इन हथियारों का इस्तेमाल बाबा सिद्दीकी की हत्या को अंजाम देने के लिये किया गया है। आरोपी भगवंत सिंह राजस्थान के उद्यपुर का रहनेवाला है और यहां बेलापूर में स्क्रैप डीलर के तौर पर काम करता था। पुलिस ने उसे बेलापूर इलाके से गिरफ्तार किया गया है।
12 अक्टूबर को बाबा सिद्दीकी को उस वक्त गोली मार दी गई जब वह बांद्रा ईस्ट के निर्मलनगर इलाके में अपने बेटे और विधायक जीशान सिद्दीकी के जनसंपर्क कार्यालय से बाहर निकले थे। पूर्व मंत्री की हत्या के बाद मुंबई पुलिस हरकत में आई और घटना के आठ दिनों के भीतर नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और इनसे गहन पूछताछ की जा रही है। आरोपी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आरोपी भगवत सिंह ओम सिंह को नवी मुंबई के बेलापुर इलाके से गिरफ्तार किया गया। बेलापुर में स्क्रैप डीलर भगवत सिंह, राजस्थान के उदयपुर के रहने वाले हैं।
भगवत सिंह ने आरोपी राम कनौजिया को उदयपुर में रहने में मदद की थी। कनौजिया को पनवेल से गिरफ्तार किया गया था। वहीं, यह बात भी सामने आई है कि सिद्दीकी को मारने के लिए राम और भगवत सिंह ने मिलकर तीन पिस्तौल और तीस से अधिक कारतूसों का जखीरा मुंबई लाया था। अब तक की जांच से पता चला है कि हथियार राजस्थान के उदयपुर से लाए गए थे। लेकिन पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये हथियार राजस्थान में कहां से आए और भगवत सिंह और राम को ये हथियार किसने दिए। बताया जाता है कि भगवत सिंह को इस काम के लिए कुछ रकम भी मिली थी। इस बात की जांच भी की जा रही है कि यह रकम कितनी थी और किसने चुकाई थी।
Editorial

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