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प्रातःकाल संवाददाता उदयपुर। मानूसन (monsoon) ने जाते-जाते उदयपुर (Udaipur) संभाग को तरबतर कर दिया। ऐसा पानी बरसाया कि लोग घरों में ही दुबके रहने पर मजबूर हो गए।
सड़कों पर पानी भर गया व नदियों में फिर जल प्रवाह हो गया। मौसम विभाग के अनुसार अरव सागर (Arav Sagar) में बने नए सिस्टम का असर दक्षिण के दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी-पश्चिमी हिस्सों में हो रहा है। शनिवार रात से शुरू हुआ वारिश का सिलसिला रविवार को करीब 2 बजे तक जारी रहा। उदयपुर के साथ ही चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, सहित पूरे संभाग में रूक-रूक कर बारिश का दौर रात को भी चला। चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में राणा प्रताप सागर बांध का गेट खोला गया।34 हजार क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। बांसवाड़ा
(Banswara)
में माही बांध पूरी तरह से फिर लबालब हो गया है और विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। अगर बारिश लगातार होती है तो गेट खोले जाएंगे।
उदयपुर में छोटा मदार तालाब (Chhota Madar Pond) एक बार फिर से छलक या व इससे फतहसागर में पानी की अच्छी आवक शुरू हो गई। आयड एक बार फिर से पूरे वेग से चल पड़ी है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी कर तेज बारिश की संभावना जताई।
राजस्थान के मौसम विभाग ने 19 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट दिया। बताया जा रहा है कि आने वाले दो दिनों तक यह दौर जारी रहेगा। बांसवाड़ा में भी तेज बारिश से कुछ जगह सड़कें निंबाहेड़ा। मानसूनी बारिश में अतिवृष्टि से चित्तौड़गढ़ एवं प्रतापगढ़ क्षेत्र में फसलों का भरी खराबा हुआ है। खेतों में खरीफ फसल तैयार खड़ी है उस पर पानी फिर गया। किसानों की खेतों में पड़ी मूंगफली की फसल बह गई। सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान हुआ। मक्का में भी नुकसान के समाचार हैं। किसानों ने तुरंत गिरदावरी करवा मुआवजा दिलाने की मांग की है। बारिश से तापमान में गिरावट आ गई व तेज सर्दी का अहसास हुआ। दिन का अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस रहा। 15 अक्टूबर से फिर से तापमान में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। झीलों की नगरी में मानसून के दिनों में भी ऐसी लगातार बारिश नहीं देखी गई। दिन के तापमान में 0.3 और रात के तापमान में 0.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। रात का पारा 19.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सुबह कई लोग स्वैटर पहने हुए नजर आए। बीते 24 घंटे में बारिश की बात करें तो गिर्वा में 76 एमएम, बड़गांव में 63, गोगुंदा में 48, झाड़ोल में 68, बारापाल 65 और फलासिया में 29 एमएम बारिश दर्ज की गई।
चित्तौड़गढ़ में रविवार सुबह 8 बजे तक सबसे ज्यादा बारिश निंबाहेड़ा में 55 एमएम दर्ज की गई। सबसे कम वारिश कपासन और बेगूं में 8 एमएम दर्ज की गई। निंबाहेड़ा में कटी हुई फसलों को नुकसान पहुंचा। डूंगला में 51 मिमी, भदेसर में 22, भूपालसागर में 20, चित्तौड़गढ़ और वस्सी में 15- 18, भैंसरोड़गढ़ में 17, गंगरार और राशमी में 10- 10, बड़ीसादड़ी में 9, बेगूं में 8 मिमी बारिश दर्ज की गई। प्रतापगढ़ में खेतों में सोयाबीन फसल की कटाई चल रही है जिस पर यह बारिश भारी पड़ गई है व खराबा हो गया। किसानों ने आज ही तुरंत गिरदावर करवा कर मुआवजे की मांग बुलंद कर दी है।
Editorial

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