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नीरज चोपड़ा का खुलासा पेरिस ओलंपिक में जोश में खो बैठे थे होश
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भारत (Bharat) के गोल्डन ब्वॉय (Golden Boy) के नाम से मशहूर नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने हाल ही में पेरिस ओलंपिक (Paris Olympics) को लेकर बड़ा खुलासा किया है। नीरज से ओलंपिक खेलों में लगातार दूसरे गोल्ड मेडल (gold medal) की उम्मीद थी, मगर पाकिस्तानी एथलीट (Pakistani athlete) अरशद नदीम (Arshad Nadeem) के रिकॉर्डतोड़ थ्रो एथलीट अरशद नदीम के रिकॉर्डतोड़ थ्रो के चलते नीरज को सिल्वर मेडल से संतुष्ट होना पड़ा। अब एक महीने बाद नीरज ने खुलासा किया है कि वह फाइनल के दौरान जोश में होश खो बैठे थे जिस वजह से वह टेकनि

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नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत (Bharat) के गोल्डन ब्वॉय (Golden Boy) के नाम से मशहूर नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने हाल ही में पेरिस ओलंपिक (Paris Olympics) को लेकर बड़ा खुलासा किया है। नीरज से ओलंपिक खेलों में लगातार दूसरे गोल्ड मेडल (gold medal) की उम्मीद थी, मगर पाकिस्तानी एथलीट (Pakistani athlete) अरशद नदीम (Arshad Nadeem) के रिकॉर्डतोड़ थ्रो एथलीट अरशद नदीम के रिकॉर्डतोड़ थ्रो के चलते नीरज को सिल्वर मेडल से संतुष्ट होना पड़ा। अब एक महीने बाद नीरज ने खुलासा किया है कि वह फाइनल के दौरान जोश में होश खो बैठे थे जिस वजह से वह टेकनिकल चीजों पर ध्यान नहीं दे पाएं।
बता दें, अरशद नदीम 92.97 मीटर के थ्रो के साथ ओलंपिक में एक नया रिकॉर्ड बनाया, अपने इस थ्रो के दम पर ही यह पाकिस्तानी एथलीट गोल्ड पर कब्जा जमाने में कामयाब रहा। वहीं नीरज चोपड़ा 89.45 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे पायदान पर रहे। हरियाणा में मिशन ओलंपिक 2036 कार्यक्रम में नीरज ने कहा, पहला थ्रो एथलीट के माइंडसेट को बहुत प्रभावित करता है।
मेरा पहला थ्रो वास्तव में अच्छा था, लेकिन मैंने फाउल किया। मुझे कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था क्योंकि ट्रैक नया था। मैंने फाउल से बचने के लिए इसे समायोजित करने की कोशिश की, लेकिन मैं असफल रहा। प्रतियोगिता कठिन थी।
नीरज आगे बोले, उसके बाद नदीम ने अच्छी थ्रो लगाई, फिर मेरी दूसरी थ्रो भी अच्छी निकली। उसके बाद क्या हुआ कि कई बार हम बोलते हैं ना के जोश के साथ होश भी रखना चाहिए। तो उस दिन शायद मेरा होश नहीं था। उस दिन में जोश में बहुत ज्यादा गुस्सा था कि मुझे करना है। लेकिन कहीं न कहीं जो तकनीकी चीज है वो छूट गई। नीरज भले ही पेरिस में गोल्ड मेडल डिफेंड करने में असफल रहे हो, मगर उन्होंने सिल्वर जीतकर भी इतिहास रचा। वह ट्रैक एंड फील्ड में भारत के लिए दो ओलंपिक मेडल जीतने वाले पहले एथलीट बने। पेरिस से पहले नीरज ने टोक्यो में गोल्ड जीता था।

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