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161 फीट ऊंचे राम मंदिर पर 44 फीट ऊंचा धर्म ध्वज लहराएगा
By EditorialPublished on
अहमदाबाद (Ahmedabad) से 44 फीट ऊंचा ध्वज अयोध्या (Ayodhya) लाया गया है। यह 161 फीट ऊंचे राम मंदिर (Ram Mandir) पर लहराएगा। इस हिसाब से मंदिर और ध्वज की कुल ऊंचाई 205 फीट होगी। अंबिका इंजीनियर्स कंपनी ने इस ध्वज को 7 महीने में तैयार किया है। 5 जनवरी को गुजरात (Gujrat) के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (Bhupendra Patel) ने अहमदाबाद से ध्वज को रवाना किया था। ट्रक से 5 लोग ध्वज लेकर 3 दिनों में राम जन्मभूमि पहुंचे। यहां सोमवार सुबह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के

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अयोध्या (एजेंसी)। अहमदाबाद (Ahmedabad) से 44 फीट ऊंचा ध्वज अयोध्या (Ayodhya) लाया गया है। यह 161 फीट ऊंचे राम मंदिर (Ram Mandir) पर लहराएगा। इस हिसाब से मंदिर और ध्वज की कुल ऊंचाई 205 फीट होगी। अंबिका इंजीनियर्स कंपनी ने इस ध्वज को 7 महीने में तैयार किया है। 5 जनवरी को गुजरात (Gujrat) के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (Bhupendra Patel) ने अहमदाबाद से ध्वज को रवाना किया था। ट्रक से 5 लोग ध्वज लेकर 3 दिनों में राम जन्मभूमि पहुंचे। यहां सोमवार सुबह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के सदस्यों को दंड और ध्वज सौंपा गया। प्राण-प्रतिष्ठा यानी 22 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) दंड में ध्वज लगाएंगे। हालांकि अभी यह क्लियर नहीं है कि मंदिर बनने तक ध्वज कहां स्थापित किया जाएगा?
राम लला की मूर्ति पर दूध-जल का कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) के मुताबिक, 3 शिल्पकारों ने प्रभु श्रीराम की 3 मूर्तियां बनाई हैं। इसमें से प्राण प्रतिष्ठा के लिए श्यामल मूर्ति का चयन किया गया है। यह मूर्ति बेहद खास पत्थर से बनी है। इस मूर्ति पर जल और दूध का आचमन करने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
हर साल चैत्र राम नवमी (Ram Navmi) के दिन दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें भगवान राम के ललाट पर पड़ेंगी।
चंपत राय ने बताया भगवान को हर दिन सरयू के जल से स्रान कराने की परंपरा है। उनके खान यानी अभिषेक का जल, प्रसाद के रूप में भक्तों को दर्शन के दौरान दिया जाता है। श्यामल मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद हर दिन सरयू के जल से राम लला को स्रान करवाया जाएगा। स्नान के जल को भक्तों को प्रसाद के रूप में दिया जाएगा।
रामलला 5 साल के विष्णु के अवतार हैं। प्रतिमा पैर की उंगली से ललाट तक 51 इंच ऊंची है। मूर्ति का वजन डेढ़ टन यानी 1500 किलो है।

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