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नो फणी भगवान पार्श्वनाथ की वृहद शांति धारा की
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पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र (Parshvanath Digambar Jain extreme area) निमोला में आयोजित भगवान पार्श्वनाथ (Lord Parshvanath) के 2900 वें जन्म व तप - कल्याणक महोत्सव एवं दो दिवसीय वार्षिक उत्सव के तहत रविवार को प्रातः भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक एवं रिद्धि मंत्रों के उच्चारण के साथ वृहद - शांतिधारा कर भगवान का जन्म जयन्ती महोत्सव मनाया गया। नो - फणी भगवान पार्श्वनाथ (Nau - Funny Lord Parshvanath) की पूजा कर भगवान को अर्ध्य एवं श्रीफल समर्पित किए गए। पंडित मनोज शास्त्री एवं अभिषेक शास्त्री के सानिध्य मे
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टोंक, (प्रा.स.)। पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र (Parshvanath Digambar Jain extreme area) निमोला में आयोजित भगवान पार्श्वनाथ (Lord Parshvanath) के 2900 वें जन्म व तप - कल्याणक महोत्सव एवं दो दिवसीय वार्षिक उत्सव के तहत रविवार को प्रातः भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक एवं रिद्धि मंत्रों के उच्चारण के साथ वृहद - शांतिधारा कर भगवान का जन्म जयन्ती महोत्सव मनाया गया। नो - फणी भगवान पार्श्वनाथ (Nau - Funny Lord Parshvanath) की पूजा कर भगवान को अर्ध्य एवं श्रीफल समर्पित किए गए। पंडित मनोज शास्त्री एवं अभिषेक शास्त्री के सानिध्य में उपस्थित इंद्र इंद्राणीयों ने भगवान पार्श्वनाथ को 148 अर्ध्य एवं श्रीफल चढ़ाए। समाज के प्रवक्ता राजेश अरिहंत ने बताया कि इस अवसर पर श्री जी को सिर पर धारण कर रथ में विराजमान किया गया, तत्पश्चात एक विशाल शोभायात्रा मंदिर से रवाना होकर संपूर्ण निमोला ग्राम में परिक्रमा लगाते हुए पांडाल परिसर में पहुंची। शोभायात्रा में जैन समाज (Jain society) के महिला पुरुष नाचते-गाते भगवान पार्श्वनाथ के जयकारे लगाये ।

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