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उदयपुर (वि)। जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय की एकेडमिक कौन्सिल की बैठक रविवार को प्रतापनगर स्थित कुलपति सचिवालय सभागार में कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 28 जून को आयोजित बैठक के कार्य विवरण को सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई। प्रो. सारंगदेवोत ने बताया कि ध्वस्त हुई प्राचीन ज्ञान शिक्षा प्रणाली को पुनर्जीवित करने के लिए विद्यापीठ आगामी सत्र से गुरूकुल शिक्षा (Gurukul education) केन्द्र की स्थापना करेगा। इसमें भावी पीढ़ी को प्राचीन ज्ञान, परम्परा, संस्कृति तथा उसके सामयिक महत्व से अवगत कराया जाएगा। एग्रीकल्चर महाविद्यालय में आगामी सत्र से पीएचडी शुरू करने के निर्णय के साथ 50 से अधिक शॉर्ट टर्म पाठ्यक्रम शुरू करने, जिसमें डिजिटल मार्केटिंग, हेल्थ एण्ड वेलनेस, फाईनेंस टेक्नोलॉजी, फेशन टेक्नोलॉजी, सोफ्ट स्किल, क्रिटिकल स्किल व विदेश जाने वाले विद्यार्थियों को दो डिग्री एक साथ करने, प्राचीन ज्ञान पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया। विद्यापीठ में प्रधानमंत्री कौशल योजना
(Pradhan Mantri Kaushal Yojana)
के तहत स्किल हब की जाएगी। आईक्यूएसी स्थापना की सुझावों, प्रस्तावों एवं नवीन पाठ्यक्रम संचालित करने पर विस्तार से चर्चा कर निर्णय लिए गए। संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष माह में एक बार नेक के अनुसार विभाग का देंगे। बैठक सभी संकायों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार नवीन संकाय पर विस्तृत चर्चा की गई व कठिनाईयों का समाधान बताया गया।
इन पाठ्यक्रमों को मिली मंजूरी
प्रो. सारंगदेवोत ने बताया कि नेशनल स्किल काउन्सिल के आईटी - आईटीईएस के साथ एमओयू के अन्तर्गत इमरजिंग टेक्नोलॉजी के सर्टिफिकेट कोर्स कराये जाएंगे। एमएससी इन ओस्टियोंपेथी शुरू होगी। निजी सचिव केके कुमावत ने बताया कि रजिस्ट्रार डॉ. तरूण श्रीमाली, पीजी डीन प्रो. जीएम मेहता परीक्षा नियंत्रक डॉ. पारस जैन, प्रो. सरोज गर्ग, प्रो. जीवन सिंह खरकवाल, डॉ. युवराज सिंह राठौड़ डॉ. शैलेन्द्र मेहता सहित विद्यापीठ के डीन, डायरेक्टर, विभागाध्यक्षों ने भाग लिया।
Editorial

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