✕
जीवन में रहे ईमानदारी
By EditorialPublished on
आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) का पांच दिवसीय प्रवास घाटकोपरवासियों (Ghatkopar) के लिए उत्सव का रूप लेकर आया। पांच दिवसीय प्रवास में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। शनिवार शाम सात बजे सामूहिक सामायिक का दृश्य देखकर तो ऐसा लग रहा था मानों प्रवास स्थल ही छोटा पड़ गया। हर ओर श्रावक श्राविकाएं सामायिक की आराधना कर रहे था। रविवार को भी सुबह से शाम तक मुंबईवासियों का बड़ी संख्या में दर्शन सेवा हेतु आवागमन रहा। गुरुदेव के आगमन से पांच दिनों में घाटकोपर का कोना कोना पावन बन गया। उनका अब विक्रोली में दो दिव

x

मुंबई । आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) का पांच दिवसीय प्रवास घाटकोपरवासियों (Ghatkopar) के लिए उत्सव का रूप लेकर आया। पांच दिवसीय प्रवास में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। शनिवार शाम सात बजे सामूहिक सामायिक का दृश्य देखकर तो ऐसा लग रहा था मानों प्रवास स्थल ही छोटा पड़ गया। हर ओर श्रावक श्राविकाएं सामायिक की आराधना कर रहे था। रविवार को भी सुबह से शाम तक मुंबईवासियों का बड़ी संख्या में दर्शन सेवा हेतु आवागमन रहा। गुरुदेव के आगमन से पांच दिनों में घाटकोपर का कोना कोना पावन बन गया। उनका अब विक्रोली में दो दिवसीय प्रवास होगा।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य महाश्रमण ने कहा कि शास्त्रों में सत्य को सारभूत बताया गया है व धर्म को उत्कृष्ट मंगल माना गया है। धर्म का एक रूप है अहिंसा। साधु के लिए तो अहिंसा महाव्रत है। सर्व जीवों के प्रति संयम की वृति रहे। अहिंसा के लिए जीव और अजीव दोनों को जानना जरूरी है। जैन धर्म में तो बहुत सूक्ष्मता से अहिंसा के प्रति ध्यान दिया गया है। हरियाली में अतिसूक्ष्म जीव होते हैं साधुओं के लिए उसपर चलना भी वर्जनीय है। बारिश के पानी में भी सूक्ष्म जीव होते है, इसलिए बारिश में साधु कही बाहर नहीं जाते। रात्रि भोजन विरमण भी अहिंसा के अंर्तगत ही आता है। साथ ही संयम भी जुड़ा हुआ है।
गुरुदेव ने आगे कहा कि ईमानदारी भी धर्म का अंग है। अगर झूठ बोलना और चोरी करना जीवन में ना हो तो मानो ईमानदारी जीवन में आ गयी। विश्वास भी उसी का कायम होता है जो ईमानदार होता है। आध्यात्म में मोक्ष परम लक्ष्य है। राग-द्वेष से मुक्ति ही वीतरागता है। जीवन व्यवहार में अहिंसा, नैतिकता, ईमानदारी रहे। जीवन धर्ममय बने यह काम्य है।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक राम कदम ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी। प्रवास व्यवस्था समिति मुंबई (Mumbai) अध्यक्ष मदन तातेड, घाटकोपर सभाध्यक्ष शांतिलाल बाफना, स्थानक वासी समाज से मुकेश भाई ने वक्तव्य दिया। तेरापंथ किशोर मंडल, कन्या मंडल ने प्रस्तुति दी।

Editorial
Next Story
Related News
X
