BSF Jawan Radheshyam
बस्सी (प्रात:काल संवाददाता) । चितौड़गढ़ जिले के बस्सी थाना क्षेत्र की नगरी ग्राम पंचायत के गुर्जर खेड़ा निवासी राधेश्याम गुर्जर बीएसएफ जवान (BSF Jawan) की मंगलवार रात को मणिपुर में गोली लगने के कारण मौत हो गई। जिसका अंतिम संस्कार शुक्रवार को पैतृक गांव में किया गया । सुबह 10.30 बजे बीएसएफ के अधिकारी व जवानों के यहां पहुंचते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इससे माहौल गमगीन हो उठा।
मां, पत्नी, बहन, पुत्र-पुत्री व अन्य स्वजनों की चीख-पुकार से सबकी आंखें नम हो उठीं। गांव के लाल के अंतिम दर्शन के लिए हुजूम उमड़ पड़ा। बीएसएफ जवानों की उपस्थिति में अंत्येष्टि की प्रक्रिया शुरू की गई। तिरंगे में लिपटे जवान के पार्थिव शरीर को उनके स्वजन अपने कंधे पर लेकर ग्राम पंचायत के पीछे स्थित मैदान तक गए। स्वजनों के अलावा चितौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के साथ गांव के कई युवाओं ने शव को कंधा दिया। वहीं बीएसएफ जवान के पार्थिव शरीर के साथ आए जवानों ने आसमान में गोलियां दाग कर गुर्जर को अंतिम सलामी दी और बेटे देवराज ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि इस दुख की घड़ी में जिला प्रशासन उनके परिवार के साथ खड़ा है।
भगवान से प्रार्थना कि वे दिव्यंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे और परिवार को इस दुख की घड़ी से बाहर निकलने की शक्ति दे। सैनिक देश की सीमा की रक्षा करते है तो देश के नागरिक सकून महसूस करते है। ऐसे शुरवीरों पर प्रत्येक नागरिक को गर्व होना चाहिए अंतिम संस्कार में सामाजिक, धार्मिक व राजनैतिक दलों के साथ-साथ सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए।
किसान परिवार से है राधेश्याम गुर्जर
बता दें कि गुर्जर के परिवार में बुजुर्ग मां, दो बड़े भाई और दो बहने है। सबसे बड़े भाई नारायण गुर्जर है, जो नगरी पंचायत के सरपंच रह चूके है । दूसरा भाई जगदीश गुर्जर निजी कंपनी में ड्राईवर है । मृतक जवान के दो पुत्रियां व एक पुत्र है । एक पुत्री मुन्ना की शादी हो चूकी है। जबकि पूजा (18) व पुत्र देवराज (15) पढ़ाई कर रहे है।
जानकारी में आया कि मंगलवार रात 10.30 बजे बीएसएफ जवान राधेश्याम गुर्जर की गोली लगने से मौत हो गई। उसी रात करीब 1 घंटे पहले राधेश्याम ने छोटी बेटी पूजा से मोबाइल पर बात की थी।
Editorial

Editorial

Next Story