CBI Gets Back General Consent to Investigate in Rajasthan
जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई ) अब राजस्थान से जुड़े किसी भी मामले की जांच कर सकेगी। अब बिना राज्य सरकार से पूछे भ्रष्टाचार और दूसरे मामलों में सीधे छापेमारी सीबीआई कर सकेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अशोक गहलोत सरकार के समय सीबीआई जांच की सहमति पर | लगी रोक को हटाने का फैसला वापस ले लिया है। सीएम ने राजस्थान में सीबीआई को जांच के लिए सहमति दे दी है। इस आदेश के बाद अब सीबीआई राजस्थान में किसी मामले को लेकर कार्रवाई कर सकेगी। उसे राज्य सरकार से अनुमति की जरूरत नहीं होगी।
सीएम से प्रस्ताव की मंजूरी के बाद गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। अब सीबीआई को जांच के लिए हर मामले में राज्य सरकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
गहलोत सरकार ने लगाई थी रोक
गहलोत सरकार ने सीबीआई को राजस्थान में जांच के लिए दी गई सामान्य सहमति वापस ले ले थी। 2019 में गहलोत सरकार के रोक लगाने के बाद से सीबीआई बिना राज्य सरकार की मंजूरी के कोई जांच या एक्शन नहीं कर पा रही थी । उस वक्त सभी कांग्रेस शासित राज्यों ने अपने यहां सीबीआई की एंट्री रोक दी थी। सीबीआई को किसी भी मामले में जांच करनी होती थी या छापा मारना होता था तो पहले राज्य सरकार से मंजूरी लेनी होती थी, जो मिलती नहीं थी ।
प्र. म. मोदी के दौरे और डीजी कॉन्फ्रेंस से पहले फैसला
भजनलाल सरकार ने सीबीआई को राजस्थान में जांच के लिए सामान्य कंसेंट पर लगी रोक को हटाने का फैसला प्र.म. मोदी के दौरे और डीजी कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले किया है। संस्थागत भ्रष्टाचार, आंतरिक सुरक्षा और इंटर स्टेट क्राइम के मामलों में जांच के लिए सीबीआई अहम एजेंसी है। डीजी कॉन्फ्रेंस में इन मुद्दों पर चर्चा होनी है। भाजपा शासित सभी राज्यों में सीबीआई जांच की राज्यों की अनुमति दी हुई है। राजस्थान में दिसंबर में भाजपा की सरकार बनने के बाद अब सीबीआई जांच पर सामान्य मंजूरी दे दी है।
गहलोत सरकार ने कई मामले सीबीआई जांच के लिए भेजे थे
राज्य सरकार किसी केस को सीबीआई को देना चाहेगी तो उसके लिए केंद्र सरकार को लिखना होगा। सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार राज्य की सिफारिश को एजेंसी के पास भेजती है। सीबीआई राज्य सरकार की सिफारिश पर केस को लेने या नहीं लेने पर फैसला करती है। गहलोत सरकार ने भी कई मामले सीबीआई जांच के लिए भेजे थे। सीआई विष्णुदत्त आत्महत्या मामला, बाड़मेर में प्रजापति एनकाउंटर केस की जांच सीबीआई से कराने के लिए गहलोत सरकार ने सिफारिश की थी। दोनों मामलों की जांच सीबीआई ने की।
Editorial

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