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खिचड़ी घोटाले केस में ईडी के समन पर बोले संजय राउत के भाई
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कोरोना (corona) काल में कथित कथित खिचड़ी घोटाले (Khichdi scam) को लेकर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) के भाई संदीप राउत (Sandeep Raut) मंगलवार को पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय ऑफिस पहुंचे। उन्होंने इस केस को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया। ईडी ऑफिस के बाहर मीडिया से बात करते हुए संदीप राउत ने कहा, “मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार और गलत हैं। ईडी ने मुझे आज पूछताछ के लिए यहां बुलाया है और एजेंसी जो भी सवाल पूछेगी, मैं उसका जवाब दूंगा। पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है और कुछ नहीं।” उन्ह

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मुंबई। कोरोना (corona) काल में कथित कथित खिचड़ी घोटाले (Khichdi scam) को लेकर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) के भाई संदीप राउत (Sandeep Raut) मंगलवार को पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय ऑफिस पहुंचे। उन्होंने इस केस को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया। ईडी ऑफिस के बाहर मीडिया से बात करते हुए संदीप राउत ने कहा, “मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार और गलत हैं। ईडी ने मुझे आज पूछताछ के लिए यहां बुलाया है और एजेंसी जो भी सवाल पूछेगी, मैं उसका जवाब दूंगा। पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है और कुछ नहीं।” उन्होंने कहा, “संजय राउत केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं। हमारे ऊपर ईडी लगाने के पीछे यही कारण है। यह राउत परिवार पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।” संदीप राउत ने कहा, “इस मामले को लेकर मेरे खाते में लगभग 5-6 लाख लेनदेन दर्ज किए गए थे। यह ईडी का मामला नहीं है। मामला कोरोना काल का है। मैंने उस दौरान कई गरीबों को खिचड़ी खिलाई थी लेकिन मुझे अभी भी आरोपी बनाया जा रहा है। पूरे मामले का राजनीतिकरण किया गया है। मैं डरता नहीं हूं क्योंकि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है।” राज्यसभा सांसद संजय राउत अपने भाई संदीप को समर्थकों के साथ ईडी ऑफिस छोड़ने आए थे। इस बीच, शिवसेना उद्धव गुट के एक अन्य नेता किशोरी पेडनेकर भी कोविड काल के दौरान कथित बॉडी बैग घोटाला केस में पूछताछ के लिए ईडी के सामने पेश हुई।
ये है पूरा मामला
दरअसल, ईडी का आरोप है कि खिचड़ी बांटने के बदले गलत तरीके से पैसों का लेन-देन किया गया था। बीएमसी ने कोरोना काल में खिचड़ी बांटने के लिए फोर्स वन मल्टी सर्विसेज नाम की संस्था के खाते में 8.64 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस कंपनी को खिचड़ी बांटने का ठेका दिया गया था।

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