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ठाणे। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) (Central Bureau of Investigation) ने पर्याप्त सबूतों की कमी का हवाला देते हुए मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह (Mumbai Police Commissioner Parambir Singh) और अन्य के खिलाफ कथित जबरन वसूली के मामले में दर्ज मामले को बंद करने की मांग की है। एजेंसी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, ठाणे के समक्ष एक क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत की। अदालत फरवरी में रिपोर्ट पर विचार कर सकती है। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मामले के तथ्य और परिस्थितियां आरोपों की पुष्टि नहीं करती हैं या किसी भी आरोपी व्यक्ति के खिलाफ अभियोजन शुरू करने के लिए किसी भी सबूत का खुलासा नहीं करती हैं। क्लोजर रिपोर्ट में कहा गया कि 2016-2017 के दौरान हुई घटना की रिपोर्ट 2021 में की गई। इस समय तक वह सबूत उपलब्ध नहीं है जो सच्चाई का पता लगाने में सहायक हो सकता था। मामला शुरू में जुलाई 2021 में स्थानीय व्यवसायी शरद अग्रवाल द्वारा मुंबई के पड़ोसी शहर ठाणे के कोपरी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया गया था, जिन्होंने दावा किया था कि सिंह और अन्य आरोपियों, जिनमें एक पूर्व पुलिस उपायुक्त और कुछ रियल एस्टेट डेवलपर्स शामिल हैं, ने कथित तौर पर धमकी दी थी और उसकी जमीन हड़पने के लिए उससे 2 करोड़ रुपये ऐंठ लिए।
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