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जयपुर ( कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान (rajasthan) में सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही सचिवालय स्थित मंत्रियों के चैंबर से महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi) और भीमराव अंबेडकर (Bhimrao Ambedkar) की तस्वीरें गायब हो गई है । इनकी जगह केशव बलिराम हेडगेवार (Keshav Baliram Hedgewar) और एमएस गोलवलकर (MS Golwalkar) की तस्वीर ने ले ली है। हालांकि, तस्वीर हटाने के आधिकारिक आदेश जारी नहीं किए है। लेकिन मंत्रियों के चैंबर से गायब हो गई है। माना जा रहा है कि सरकारी दस्तावेजों में दीनदयाल उपाध्याय (Deen Dayal Upadhyay) की वापसी होगी। क्योंकि पिछली गहलोल सरकार (gehlot sarkar) ने दीनदयाल से स्थान पर भीमराम अंबेडकर की फोटो लगा दी थी। जानकारों का कहना है कि सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही दीनदयाल की वापसी की प्रबल संभावना है।
इस मामले में सियासत भी गर्मा गई है। तस्वीर हटाने कांग्रेस (congress) ने निशाना साधा है। दरअसल, सोमवार को भजनलाल सरकार में कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत के चैंबर में लगी तस्वीरों पर सियासत गर्मा गई। गहलोत ने सचिवालय के मंत्रालय भवन में अपने चैंबर में विधिवत पूजा- अर्चना और मंत्रोच्चार के बाद नए साल पर चार्ज लिया। गहलोत के चैंबर में उनकी कुर्सी के पीछे लगी तस्वीरों में महात्मा गांधी और संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें नहीं हैं। उनके चैंबर में आरएसएस के संस्थापक और पहले सरसंघचालक डॉ. हेडगेवार की तस्वीर है।
सरकारी दस्तावेजों में होगी दीनदयाल की वापसी ?
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में गहलोत सरकार के समय मंत्रियों के चैंबर में महात्मा गांधी, भीमराव अंबेडकर और सरदार वल्लभ भाई और अशोक गहलोत की तस्वीरें लगी थी। जबकि अब ये तस्वीरें गायब है। हालांकि, अभी भजनलाल शर्मा
(bhajanlal sharma)
के मंत्रियों ने चार्ज नहीं संभाला है। सोमवार को सिर्फ चार मंत्रियों ने ही चार्ज संभाला था। इनमे अविनाश गहलोत के चैंबर से गांधी और अंबेडकर की लेंगे उसके बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी। हालांकि, उच्च स्तर से तस्वीरें गायब है। जानकारों का कहा है कि जब पूरे मंत्री चार्ज संभाल फिलहाल गांधी की तस्वीर हटाने के आदेश नहीं आए है।
योजनाओं के भी बदले जाएंगे नाम
बता दें कांग्रेस के शासन में सरकारी दस्तावेजों से दीनदयाल उपाध्याय की फोटो हटाई गई थी । वसुंधरा राजे (vasundhara raje) सरकार ने सभी सरकारी दस्तावेजों में दीनदयाल की फोटो लगाने के आधिकारिक आदेश जारी किए थे। बाद में सत्ता परिवर्तन होने पर अशोक गहलोत सरकार ने सरकारी दस्तावेजों से फोटो हटा दी थी। दीनदयाल के स्थान पर भीमराम अंबेडकर की फोटो सभी सरकारी दस्तावेजों में लगा गई थी। ऐसा माना जा रहा है कि सरकारी दस्तावेजों में एक बार फिर दीनदयाल उपाध्याय की वापसी हो सकती है। माना यह भी जा रहा है कि योजनाओं के नाम भी बदले जाएंगे।
Editorial

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