Nirmala Sitharaman Interim Budget - Pratahkal
नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार 75 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए योगदान एवं निकासी पर कर रियायतें बढ़ाकर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) को और अधिक आकर्षक बना सकती है। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने नियोक्ताओं के योगदान के लिए कर के मोर्चे पर कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय (ईपीएफओ) के साथ समानता की मांग की है। इस संबंध में कुछ घोषणाएं अंतरिम बजट में किए जाने की उम्मीद है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगी। यह उनका छठा बजट होगा।

अभी नियोक्ता योगदान में असमानता

वर्तमान में एनपीएस में नियोक्ताओं के योगदान को लेकर असमानता है। एनपीएस में कॉरपोरेट के मूल वेतन और महंगाई भत्ते के 10 फीसदी तक के योगदान को कर से छूट दी गई है। ईपीएफओ के मामले में यह 12 फीसदी है।

सालाना हिस्से को करमुक्त करने की मांग

डेलॉय का कहना है कि एनपीएस के जरिये दीर्घकालिक बचत को बढ़ावा देने के लिए इसे ब्याज व पेंशन के साथ शामिल किया जा सकता है।
साथ ही, कर बोझ कम करने के लिहाज से एनपीएस के सालाना हिस्से को 75 वर्ष की आयु से धारकों के लिए करमुक्त किया जाना चाहिए।

नई टैक्स व्यवस्था में भी मिले राहत

नई कर व्यवस्था में एनपीएस योगदान पर कर छूट देने की भी मांग उठ रही है। अभी आयकर कानून की धारा- 80 सीसीडी (1बी) के तहत एनपीएस में 50,000 रूपये तक के योगदान पर पुरानी व्यवस्था में छूट मिलती है। नई कर व्यवस्था में यह प्रावधान नहीं है।
Editorial

Editorial

Next Story