Canada
ओटावा (एजेंसी)। पंजाब (Panjab) और गुजरात (Gujrat) से कनाडा (Canada) जाने वाले छात्रों के लिए बुरी खबर है। कनाडा की सरकार ने अगले दो साल के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्र वीजा में कटौती करने और वीजा जारी करने के लिए एक सीमा तय करने का ऐलान किया है। जस्टिन ट्रूडो (justin trudeau) सरकार का यह बड़ा फैसला माना जा रहा है। इस फैसले से उन छात्रों को सपनों पर ब्रेक लग सकता है जो कनाडा जाकर पढ़ना चाहते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार कनाडा ने घोषणा की है कि वह अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए पढ़ाई करने की परमिट के लिए स्वीकार किए गए आवेदनों की संख्या पर एक इनटेक कैप | लागू करेगा, जिसके परिणामस्वरूप साल 2023 की तुलना में इस साल संख्या में 35 प्रतिशत की कमी आने वाली है। यह फैसला ऐसे समय में आई है जब कनाडा में तेजी से आवास आवास का संकट बढ़ा है। हालांकि कनाडा के इमिग्रेशन मिनिस्टर मार्क मिलर ने सोमवार को ओटावा में एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले हफ्तों में चिकित्सा और कानून जैसे पेशेवर कार्यक्रमों के साथ-साथ मास्टर और डॉक्टरेट कार्यक्रमों में नामांकित छात्रों के जीवनसाथियों के लिए ओपन वर्क परमिट उपलब्ध होंगे।
गौरतलब है कि कनाडा की नई घोषणा से भारत के उन छात्रों को मायूसी हाथ लगेगी जो कनाडा जाकर पढ़ने का सपना देख रहे हैं। इनमें से ज्यादातर छात्र पंजाब और गुजरात के होते हैं। इस समय कनाडा में भारत के करीब साढ़े 3 लाख छात्र हैं। कनाडा में आवास संकट की वजह से लिबरल पार्टी की जस्टिन ट्रूडो सरकार आलोचनाओं से घिरी हुई है। एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि कनाडा में अस्थायी निवासियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसके कारण घरों के किराए में भी वृद्धि हुई है।
Editorial

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