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गांधी ग्राउंड के सामने के ठेला व्यवसाइयों को मिली अदालत से राहत
By EditorialPublished on
Udaipur उदयपुर. नगर संवाददाता | गांधी ग्राउंड (Gandhi Ground) के सामने स्थित चेतक सर्कल वेंडिंग जोन में व्यवसाय कर रहे चौदह व्यवसाइयों द्वारा नगर निगम के खिलाफ बेदखल नहीं करने का पेश अंतरिम अस्थायी निषेधाज्ञा का प्रार्थना पत्र स्वीकार कर नगर निगम को पाबंद किया है कि वेंडिंग जोन में नियमानुसार किए जा रहे व्यवसाइयों में किसी प्रकार की कोई बाधा मूलवाद के निस्तारण तक उत्पन्न नहीं करे।

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Udaipur उदयपुर. नगर संवाददाता | गांधी ग्राउंड (Gandhi Ground) के सामने स्थित चेतक सर्कल वेंडिंग जोन में व्यवसाय कर रहे चौदह व्यवसाइयों द्वारा नगर निगम के खिलाफ बेदखल नहीं करने का पेश अंतरिम अस्थायी निषेधाज्ञा का प्रार्थना पत्र स्वीकार कर नगर निगम को पाबंद किया है कि वेंडिंग जोन में नियमानुसार किए जा रहे व्यवसाइयों में किसी प्रकार की कोई बाधा मूलवाद के निस्तारण तक उत्पन्न नहीं करे।
शहर के सिविल न्यायालय (Civil Court) उत्तर में ठेला व्यवसायी जगदीश साहू, प्रकाश साहू, अर्जुन प्रजापत, अनीशा, प्रवीणा बाई, गोवर्धनलाल खटीक, ओम प्रकाश बैरवा, कमल सिंधी, जीवन सिंधी, गणेशलाल रेबारी, पूंजाराम, मीणा, भगवतीलाल प्रजापत व दिलीप साहू ने नगर निगम जरिए आयुक्त के खिलाफ अपने अधिवक्ता कुलदीप टांक के जरिए अंतरिम निषेधाज्ञा का प्रार्थना पत्र पेश किया, जिसमें बताया कि हम सभी ठेला व्यवसायी होकर चेतक सर्कल स्थित वेंडिंग जोन जो कि गांधी ग्राउंड के सामने स्थित है। वहां पर खाने पीने, फल फ्रूटस आदि का व्यवसाय करते हैं। लॉकडाउन के पश्चात बड़ी मुश्किल से उनका जीवन यापन हो रहा है। नगर निगम ने चेतक सर्कल को वेंडिंग जोन घोषित कर रखा है। निगम को पाबंद करें कि वेंडिंग जोन में प्रमाण पत्र प्राप्त ठेला व्यवसायी को बिना विधिक नोटिस पत्र दिए व बिना सुनवाई का अवसर दिए बेदखली करने से संबंधित कार्यवाही विधि व नियमों के विपरित होकर अवैध हैं। चेतक सर्कल स्थित वेंडिंग जोन में किए जा रहे व्यवसाय में नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों व उनके प्रतिनिधियों को पाबंद करें कि वे किसी प्रकार से व्यवसाय में बाधा उत्पन्न न करें।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सिविल न्यायालय शहर. उत्तर के पीठासीन अधिकारी भरत पूनिया ने अपने फैसले में लिखा कि प्रार्थीगण के पक्ष में तय हुआ है एवं प्रथम दृष्टया मामला प्रार्थीगण के पक्ष में ही बनना पाया है, जिससे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि यदि उक्त वेंडिंग जोन के संबंध में अगर प्रार्थीगण को अस्थाई निषेधाज्ञा नहीं दी जाती है अथवा जारी नहीं की जाती है तो कई अधिक असुविधा प्रार्थीगण को होगी। ऐसा होने से प्रार्थीगण के विधिक अधिकारों को ऐसा हनन होगा एवं पूर्ण क्षति होगी जिसकी भरपाई मुद्रा के रूप में नहीं की जा सकेगी। यदि अस्थाई का आदेश पारित किया जाता है तो नगर निगम को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। पीठासीन अधिकारी ने प्रार्थीगण के अंतरिम अस्थायी निषेधाज्ञा के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर नगर निगम आयुक्त को पाबंद किया कि वे मूल वाद के निस्तारण तक चेतक सर्कल उदयपुर में स्थित वेंडिंग जोन में नियमानुसार किए जा रहे ठेला व्यवसाय में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं करें।

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