posters
उदयपुर. नगर संवाददाता | यदि किसी ने उदयपुर (Udaipur) शहर में सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति पर किसी द्वारा कोई बैनर पोस्टर अथवा अन्य स्टीकर चिपकाएगा तो नगर निगम उस संस्था के खिलाफ संबंधित सख्ती करते हुए पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा।
नगर निगम आयुक्त बताया कि उदयपुर शहर में तहत कई आकर्षक कार्य संपन्न हो रहे हैं, ऐसे कार्यों में किसी संस्था सार्वजनिक स्थानों पर अपने बैनर पोस्टर चिपक (pasting posters) कर उसकी सुंदरता नष्ट करने पर इन संस्थाओं के निगम सख्त कार्रवाई करेगा को नगर निगम क्षेत्राधिकार एवं हेरिटेज देहली गेट दरवाजे की दीवारों पर दक्ष एकेडमी एवं मेवाड़ नेहरू बाजार उदयपुर द्वारा के पोस्टर चिपकाकर सार्वजनिक सम्पति को खराब किया है। जिस आयुक्त राम प्रकाश ने राहत किए। संस्था द्वारा यदि नोटिस की पालना नही की जाती है तो निगम एफआईआर दर्ज करवाएगा। नगर निगम में पुलिस निरीक्षक मांगीलाल डांगी ने बताया कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 द्वारा 297 क के तहत कारित करने पर एक वर्ष के साथ न्यूनतम जुर्माना तक का कारावास पांच हजार एवं अधिकतम दस हजार तक दण्डित किया जा सकता अपराध को पुनः कारित तक कारावास अथवा करने पर दो वर्ष न्यूनतम दस हजार एवं अधिकतम बीस हजार दोनो से दण्डित किया जा कोई भी संस्था या व्यक्ति में स्थित राजकीय और सार्वजनिक संपत्ति पर बैनर पोस्टर या स्टीकर नही चिपकावे।
आयुक्त की अपील , अपने स्तर पर हटाओ बैनर पोस्टर
नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश (Ram Prakash) ने शहर वासियों से अपील करते हुए कहा कि उदयपुर शहर विश्व में पर्यटकों का सबसे पसंदीदा शहर है।
यहां की खूबसूरती एवं हेरिटेज को देखने हजारों की संख्या में पर्यटक उदयपुर आते हैं। ऐसे में हम हमारी धरोहरों को संजोकर रखें एवं इन्हें किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुंचाये। शहरवासियों अपील की है कि किसी भी सार्वजनिक सम्पति (public property), शहर के ऐतिहासिक दरवाजे, चौराहे, रोड़ साइड पर दीवारे जहां पर जी 20 बैठक के दौरान नगर निगम द्वारा पेंटिंग कराई गई, साइन बोर्ड पर आदि पर नगर निगम की बिना स्वीकृति के पोस्टर ास राजकीय संपत्ति पर पोस्टर या बैनर नही लगाये। शहर में स्थित कोचिंग संस्थान, मार्केटिंग एजेन्सी व अन्य द्वारा यदि बिना स्वीकृति पोस्टर बैनर लगा दिए है तो वह अपने स्तर पर हटा लें।
Editorial

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