ram mandir
नई दिल्ली (एजेंसी)। अयोध्या (Ayodhya) के राम मंदिर (Ram Mandir) में रामलला (Ramlalla) आ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान को पूरा किया। इस दौरान मंदिर की अलौकिक छटा देखने को मिली। अयोध्या में बना राम मंदिर न केलव भव्य है बल्कि इस मंदिर की कई विशेषताएं भी हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अयोध्या के मंदिर की अनूठी विशेषता के बारे में बताया। उन्होंने कहा, अयोध्या राम मंदिर में एक विशेष सूर्य तिलक तंत्र है, जिसे ऐसे डिजाइन किया गया है कि हर साल श्रीराम नवमी के दिन दोपहर के समय सूर्य की किरणें भगवान राम की मूर्ति के माथे पर लगभग 6 मिनट तक पड़ेंगी।
राम नवमी, आमतौर पर मार्च-अप्रैल में हिंदू कैलेंडर के पहले महीने के नौवें दिन मनाई जाती है, जो भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम के जन्मदिन का प्रतीक है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ने एक बयान में कहा कि बेंगलुरू में भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान ने इस खास डिजाइन को तैयार करने में सहायता की है। उन्होंने कहा, गियरबॉक्स और परावर्तक लेंस की व्यवस्था इस तरह की गई है कि शिखर के पास तीसरी मंजिल से सूर्य की किरणों को सीधे गर्भ गृह पर प्रकाशमान होंगी।
बता दें सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राण प्रतिष्ठा में हिस्सा लेने के लिए अयोध्या पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सुनहरी रंग का कुर्ता, क्रीम रंग की धोती और उत्तरीय पहने नजर आए। प्र.म. मोदी नवनिर्मित राम मंदिर के मुख्य द्वार से अंदर तक पैदल चलकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे और गर्भगृह में प्रवेश किया। प्रधानमंत्री इस दौरान अपने हाथ में लाल रंग के कपड़े में लिपटा हुआ चांदी का छत्र भी लेकर आए।
गर्भगृह में मोदी ने पंडितों के मंत्रोच्चारण के बीच अनुष्ठान शुरू किया। उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के लिए 'संकल्प' लिया। अनुष्ठान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत भी शामिल हुए। इस मौके पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) भी मौजूद रहे। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि मध्यान्ह में साढ़े बारह बजे 12.29 बजे रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की गयी।
इस दौरान सेना के हेलीकॉप्टरों ने मंदिर परिसर पर पुष्प वर्षा की। प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, अयोध्या धाम में श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का अलौकिक क्षण हर किसी को भाव-विभोर करने वाला है। इस दिव्य कार्यक्रम का हिस्सा बनना मेरा परम सौभाग्य है। जय सियाराम।

Editorial

Editorial

Next Story