Zee Sony Merger

Zee Sony Merger Deal - जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment) और सोनी ग्रुप (Sony Group) के बीच 10 अरब डॉलर की मर्जर डील रद्द हो गई है। सोनी ग्रुप ने डील रद्द करने का कारण बताया है कि जी ग्रुप ने विलय की शर्तों को पूरा नहीं किया। इसके साथ ही इस डील के लिए सबसे बड़ा पेच पुनीत गोयनका के पद संभालने का था। सोनी ने पहले ही कहा था कि मर्जर के बाद वे पुनीत गोयनका के नेतृत्व के पक्ष में नहीं हैं।
सोनी ग्रुप ने जी एंटरटेनमेंट को एक टर्मिनेशन लेटर भेजा है, जिसमें 90 मिलियन डॉलर की टर्मिनेशन फीस मांगी गई है। जी एंटरटेनमेंट ने इस मांग को खारिज कर दिया है। सोनी ग्रुप का कहना है कि पुनीत गोयनका सेबी की जांच का सामना कर रहे हैं और उन पर कई तरह की पाबंदियां लगी हुई हैं। इन पाबंदियों के कारण सोनी ग्रुप उनके नेतृत्व से सहमत नहीं था। जी एंटरटेनमेंट ने इस आरोप को खारिज किया है। उनका कहना है कि साल 2021 में जब मर्जर समझौते पर सहमती बनी थी तब गोयनका के लिए नई इकाई के नेतृत्व की बात कही गई थी।
सेबी का मामला पुनीत गोयनका और उनके परिवार के खिलाफ है। उन पर आरोप है कि उन्होंने शेयरों के गलत तरीके से कारोबार किया है। मर्जर डील रद्द होने से भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। यह डील दोनों कंपनियों को एक बड़ी मीडिया कंपनी बनाने का मौका दे रही थी।

अन्य प्रमुख बिंदु

  • डील रद्द होने के बाद जी एंटरटेनमेंट के शेयरों में 10% की गिरावट आई है।
  • सोनी ग्रुप ने कहा है कि वह भारत में अपने कारोबार को जारी रखेगा।
  • जी एंटरटेनमेंट ने कहा है कि वह भविष्य में अपने विकल्पों पर विचार करेगा।
Editorial

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