Arun yogiraj
हाल ही में अयोध्या में राम मंदिर के गर्भगृह में राम लला की मूर्ति स्थापित की गई थी। इस मूर्ति के शिल्पकार अरुण योगिराज (Arun Yogiraj) ने इस अवसर को अपने जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य बताया है। योगिराज का कहना है कि उन्हें इस पवित्र कार्य का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला है और वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं।
योगिराज एक मूर्तिकार परिवार से आते हैं और उन्होंने अपने जुनून को पूरा करने के लिए अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी थी। उनका कहना है कि यह उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। मूर्ति स्थापना समारोह में देश के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया था, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री मोदी ने की थी। योगिराज के दादा भी एक प्रसिद्ध मूर्तिकार थे, जिनकी कुछ कृतियां मैसूरू रेलवे स्टेशन में देखी जा सकती हैं। योगिराज को उम्मीद है कि राम मंदिर का निर्माण कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा और यह मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र बनकर उभरेगा।
यह लेख राम लला की मूर्ति के शिल्पकार अरुण योगिराज के बारे में है। यह उनके अयोध्या की यात्रा और प्रतिष्ठा समारोह के बारे में उनकी भावनाओं पर चर्चा करता है। योगिराज मूर्तिकारों के परिवार से आते हैं और उन्होंने अपने जुनून को पूरा करने के लिए अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी। वह खुद को इस परियोजना का हिस्सा बनने के लिए धन्य महसूस करते हैं और खुद को भाग्यशाली मानते हैं। समारोह में जीवन के सभी क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया था, और प्रधान मंत्री मोदी ने इसकी अध्यक्षता की थी। योगिराज के दादा भी एक प्रसिद्ध मूर्तिकार थे, और उनके कुछ काम मैसूरू रेलवे स्टेशन में देखे जा सकते हैं। योगिराज को उम्मीद है कि राम मंदिर का निर्माण कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा और यह मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र बनकर उभरेगा।"
Editorial

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