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भोपाल/ लखनऊ (एजेंसी) । देशभर में सोमवार (1 जनवरी) को नया साल मनाया गया। इस दौरान प्रमुख धार्मिक स्थलों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। सुबह से रात तक मंदिरों में लोगों की लंबी कतार देखने को मिली। उज्जैन (Ujjain) के महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) में 2024 की पहली भस्म आरती (Bhasma Aarti) में 45 हजार लोग शामिल हुए। मंदिर प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि यहां रात 9 बजे तक 8 लाख 10 हजार लोगों ने दर्शन किए, जो हर बार के न्यू ईयर में सबसे ज्यादा हैं। वहीं, वाराणसी में दशाश्वमेध घाट पर पहली गंगा आरती (Ganga Aarti) और सूर्य पूजा (Surya Puja) की गई। रात 10 बजे तक करीब 8 लाख भक्तों ने बाबा विश्वनाथ
(Baba Vishwanath)
के दर्शन किए। भीड़ को देखते हुए विश्वनाथ मंदिर (Baba Vishwanath) में रुद्राभिषेक (Rudrabhishek) पर भी रोक लगा दी गई। दोनों मंदिरों में वीआईपी दर्शन भी बंद रहे।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर का पट सुबह 4 बजे खोला गया। इसके बाद महाकाल का गर्म जल से अभिषेक किया गया। 6 बजे तक करीब 45 हजार श्रद्धालुओं ने चलित भस्म आरती देखी। 2016 में सिंहस्थ के शाही स्नान के पहले दिन 6 लाख श्रद्धालु आए थे ।
एक जनवरी को होने वाली भस्म आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग एक महीने पहले फुल हो चुकी थी। 31 दिसंबर को सुबह 6 बजे ऑफलाइन बुकिंग की लाइन लगी, जो एक घंटे में फुल हो गई। हालांकि चलित दर्शन व्यवस्था के चलते ज्यादा लोग तेजी से दर्शन कर पाए।
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विश्वनाथ मंदिर, काशी: चारों ओर 2 किमी लंबी कतारें
चारों ओर भक्तों की 2-2 किलोमीटर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई थीं। यह स्थिति 30 दिसंबर की शाम से ही बनी थी। लोगों की भीड़ को देखते हुए मंदिर कॉरिडोर में चारों ओर से प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं, ललिता घाट और दशाश्वमेध घाट से स्नान करते हुए भक्त लाइन में लगे हुए हैं।
विश्वनाथ मंदिर मंदिर प्रशासन के अनुसार, न्यू ईयर पर सावन वाली व्यवस्था लागू की गई है। मंदिर में बाबा विश्वनाथ का प्रोटोकॉल, टिकट और ढक्क दर्शन बंद कर दिया गया है। प्रोटोकॉल और 1 जनवरी की सुबह श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के रुद्राभिषेक पर भी रोक लगा दी गई। आम भक्तों को ही दर्शन दिया जा रहा है।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर (Kashi Vishwanath Corridor) का लोकार्पण होने के बाद कुल 13 करोड़ शिवभक्तों ने दर्शन-पूजन किया है। इससे पहले 2 साल में 2 करोड़ से ज्यादा भक्त नहीं होते थे । 13 दिसंबर, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा कॉरिडोर का लोकार्पण करने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ 10 गुना ज्यादा हो गई।
Editorial

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