Pratahkal-Anuvrat Geet Mahasangan-Thane-Acharya Mahashraman
मुंबई । अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी द्वारा अणुव्रत गीत महासंगान (Anuvrat Geet Mahasangan) का आयोजन आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) के सान्निध्य में ठाणे (Thane) के रेमंड मैदान में किया गया। आचार्यश्री के महामंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। मुम्बई के 17 स्कूल व कॉलेजों में अणुव्रत गीत का गान किया गया। महासंगान के उपरान्त महाश्रमण ने पावन पाथेय भी प्रदान किया। उपस्थित विद्यार्थियों ने सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति के संकल्पों को स्वीकार किया। आचार्यश्री ने कहा कि जीवन में ज्ञान का परम महत्त्व है। शिक्षा का पहला कार्य लर्निंग और फिर अर्निंग हो, किन्तु इसके साथ-साथ अच्छे संस्कार भी जीवन में आएं तो जीवन का सम्पूर्ण विकास हो सकता है।
अणुविभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश नाहर ने स्वागत किया। मुख्यमुनि महावीरकुमार, साध्वी प्रमुखा विश्रुतविभा, आध्यात्मिक पर्यवेक्षक मुनि मननकुमार, साध्वीवर्या सम्बुद्धयशा ने विचार रखे। महाराष्ट्र सरकार के शिक्षामंत्री दीपक केसरकर, संयोजक महेन्द्र वागरेचा, अजय आसर, तेजकरण सुराणा, जस्टिस के के तातेड़, उपाध्यक्ष पवन ओस्तवाल ने विचार रखे। मनोज सिंघवी, अणुव्रत समिति मुंबई अध्यक्ष रोशन मेहता, मंत्री राजेश चौधरी, रतन कच्छारा, ममता श्रीश्रीमाल, विमला हिरण सक्रिय रहे। आभार ज्ञापन अणुविभा महामंत्री भीखम सुराणा ने किया।
Editorial

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