Pregnant wants baby to be born on 22nd January
जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का दिन 22 जनवरी 2024 ऐसी तारीख है, जिसे देश के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन 84 सेकेंड का उत्तम योग है। इन 84 सेकेंड के अंदर कोई जन्म लेता है तो वह पराक्रमी होगा। यही कारण है कि प्रेग्नेंट महिलाएं चाहती हैं कि उनके घर में नन्हें मेहमान का आगमन इसी शुभ दिन हो। जिन महिलाओं की डिलीवरी 20 से 30 जनवरी के आस-पास होनी है, वे डॉक्टर से सलाह लेकर 22 जनवरी को सिजेरियन डिलीवरी कराने की तैयारी कर रही हैं।
राजस्थान, गुजरात, उत्तरप्रदेश समेत कई राज्यों में यह ट्रेंड सामने आया है। विशेषज्ञों के मुताबिक 22 जनवरी को जिन महिलाओं की डिलीवरी कराई जाएगी, वे पहले से ही डॉक्टरों की देखरेख में हैं। जांच के बाद रिपोर्ट सामान्य आने के बाद ही इस दिन डिलीवरी कराई जाएगी।
22 जनवरी को बेहद शुभ और दुर्लभ मुहूर्त
पंडित और ज्योतिषाचार्य 22 जनवरी के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के मुहूर्त को बेहद शुभ और दुर्लभ बता रहे हैं। यही कारण है कि जयपुर में भी गर्भवती महिलाएं इसी दिन अपने बच्चे को जन्म देना चाहती हैं। जिन प्रेग्नेंट महिलाओं के कॉम्प्लिकेशन हैं और सिजेरियन ऑपरेशन से बच्चे का जन्म होना है। वे महिलाएं डॉक्टर से अपनी डिलीवरी 22 जनवरी को ही कराने की मांग कर रही हैं। डॉक्टर्स ने बताया कि गर्भवती महिलाएं ही नहीं, परिवार और पति भी उनकी इस इच्छा में साथ दे रहे हैं। शहर में ऐसे कई परिवार हैं, जो मानते हैं कि इस शुभ मुहूर्त के दिन उनके घर किलकारी गूंजे तो वह नन्हें मेहमान के लिए भी शुभ होगा
अस्पतालों में 22 जनवरी की पहले से बुकिंग
जयपुर के प्राइवेट अस्पतालों में 22 जनवरी को डिलीवरी कराने की मांग की जा रही है। कोकून हॉस्पिटल की मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव कविता बेनीवाल ने बताया कि उनके यहां 22 जनवरी को करीब 10 महिलाओं की डिलीवरी होगी । निजी अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर वंदना भराड़िया ने बताया कि करीब 15 गर्भवती महिलाओं ने उनसे संपर्क किया था । हम उनकी मेडिकल कंडीशन को देखकर इस तरह के निर्णय ले रहे हैं। इनमें से एक महिला की डिलीवरी की तारीख 31 जनवरी थी। इसलिए वे 22 जनवरी को डिलीवरी कराने की मांग कर रहे थे। डॉक्टर ने भी इसके लिए स्वीकृति दे दी थी । लेकिन, बच्चे का मूवमेंट कम होने पर आपातकालीन परिस्थिति में 12 जनवरी को ही डिलीवरी करानी पड़ी।
मुहूर्त सिजेरियन : प्रीमैच्योर या पोस्ट मैच्योर डिलीवरी नहीं, परिजनों की काउंसलिंग
परिवारों में किसी तारीख या शुभ मुहूर्त पर डिलीवरी कराने का चलन बढ़ रहा है। इसे मुहूर्त सिजेरियन कहा जाता है । यह सामान्य डिलीवरी में संभव नहीं है। इसे सिजेरियन से ही कराया जाता है। जयपुर में जनाना हॉस्पिटल की प्रोफेसर और यूनिट हेड डॉक्टर राखी आर्य का कहना है कि इससे डॉक्टर और मरीज पर अनावश्यक दबाव बनता है, जबकि ऑपरेशन के अपने दुष्प्रभाव होते हैं । यह सामान्यतया उस दौरान या उसके कुछ समय बाद देखे जा सकते हैं। इसलिए सिजेरियन डिलीवरी बहुत जरूरी होने पर ही कराना चाहिए । डॉक्टरों की अपील है कि परिवार केवल मुहूर्त ही न देखें, यह भी जरूरी है कि डिलीवरी सुरक्षित हो और जच्चा-बच्चा स्वस्थ रहें। इसलिए जब शिशु का सही और समय पर डेवलपमेंट हो, तभी डिलीवरी कराएं। सिजेरियन के बजाय सामान्य डिलीवरी को प्राथमिकता दें।
उत्तम योग में पैदा हुए बच्चे होंगे पराक्रमी
राजस्थान ही नहीं, दूसरे राज्यों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां महिलाओं ने अगर संभव हो तो डिलीवरी 22 जनवरी को ही कराने की मांग की है। ऐसे परिवार चाहते हैं कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दिन उनके घर भी रामलला का आगमन हो ।
यह शुभ दिन उनके परिवार और संतान के लिए जीवन भर यादगार रहे। ज्योतिषी एवं वास्तुविद डॉ. अमित व्यास का कहना है कि 22 जनवरी को 12.11.32 बजे से 12.54 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। इस बीच 12.29.08 बजे से 12.30.32 बजे तक मूल मुहूर्त है। ये 84 सेकेंड उत्तम योग होगा। इस मुहूर्त के अंदर कोई बालक या बालिका जन्म लेता है तो उसकी कुंडली में नक्षत्र अति उत्तम स्थिति में होंगे।
Editorial

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