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राठौड़ - पूनिया के लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावनाएं कम
By EditorialPublished on
जयपुर ( कार्यालय संवाददाता ) । लोकसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा ने प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों को 8 कलस्टर में बांटकर इनके कलस्टर इंचार्ज तय कर दिए हैं। एक कलस्टर में 4 और 7 में 3-3 लोकसभा सीटों को रखा गया है। इन कलस्टर इंचार्जों की मंगलवार को दिल्ली में बैठक हुई।

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जयपुर ( कार्यालय संवाददाता ) । लोकसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा ने प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों को 8 कलस्टर में बांटकर इनके कलस्टर इंचार्ज तय कर दिए हैं। एक कलस्टर में 4 और 7 में 3-3 लोकसभा सीटों को रखा गया है। इन कलस्टर इंचार्जों की मंगलवार को दिल्ली में बैठक हुई।
भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय में यह बैठक हुई, जिसमें देशभर से आए कलस्टर इंचार्ज शामिल हुए। इसमें राजस्थान का नंबर आने पर प्रदेश के 8 कलस्टर इंचार्जों को उनके कलस्टर के बारे में जानकारी दी गई।
अरूण चतुर्वेदी को अलवर, सीकर, झुंझुनूं, प्रभुलाल सैनी को चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, नारायण पंचारिया को कोटा-बूंदी, बारां-झालावाड़, राजेंद्र गहलोत को जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण और दौसा, सतीश पूनिया को श्रीगंगानगर, बीकानेर और चूरू और राजेन्द्र राठौड़ को भरतपुर, धौलपुर - करौली और टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा सीट की जिम्मेदारी दी गई।
दिलचस्प बात यह है कि 8 में से 2 कलस्टर की जिम्मेदारी भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र राठौड़ और सतीश पूनिया को भी दी गई हैं। ऐसे में अब इन दोनों के लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावनाएं कम ही नजर आ रही है। अभी तक यह चर्चा थी कि विधानसभा चुनाव हारने के बाद दोनों नेताओं को लोकसभा का चुनाव लड़ाया जा सकता है।
प्रदेश में इन नेताओं को दी गई जिम्मेदारी
भाजपा ने लोकसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा का टारगेट है कि जीती जाए, लेकिन विधानसभा चुनाव में इस बार भी प्रदेश में 25 में से 25 सीटें वोटिंग ट्रेंड देखते हैं तो लोकसभा की करीब 10-12 सीटें ऐसी है, जहां भाजपा को कांग्रेस से कम वोट मिले थे। ऐसे में इस बार पार्टी लोकसभा सीटों को कलस्टर में बांट कर उस पर काम करेगी, ताकि जिन विधानसभा सीटों में पार्टी कमजोर है, वहां पर पार्टी को मजबूत किया जा सके।
प्रदेश में पार्टी ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, पूर्व उप नेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी, पूर्व कैबिनेट मंत्री व उपाध्यक्ष प्रभुलाल सैनी, सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत, पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया और पूर्व प्रदेश पदाधिकारी रहे प्रसन्न चंद मेहता को कलस्टर इंचार्ज बनाया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को रिपोर्ट करेंगे।
ये सभी कलस्टर इंचार्ज सीधे भाजपा के
राठौड़- पूनिया के चुनाव लड़ने की संभावनाएं हुई कम विधानसभा चुनाव हारने के बाद लगातार यह चर्चा बनी हुई थी कि राजेन्द्र राठौड़ और सतीश पूनिया को पार्टी लोकसभा चुनाव लड़वा सकती है, लेकिन अब इसकी संभावनाएं कम लग रही है, क्योंकि जिन 8 नेताओं को कलस्टर इंचार्ज बनाया गया हैं। उन पर कम से कम 3 लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी होगी। ऐसे में अगर उन्हें चुनाव लड़वाया गया तो वे अपनी सीट पर ध्यान नहीं दे पाएंगे।इसके अलावा बीच में कलस्टर इंचार्ज बदलना भी संभव नजर नहीं आता है। इसे इस तरीके से भी समझा जा सकता है कि पार्टी ने कलस्टर इंचार्ज किसी केंद्रीय मंत्री या मौजूदा सांसदों को नहीं बनाया गया है, जबकि उनके पास लोकसभा चुनावों का ज्यादा अनुभव है। लेकिन पार्टी ने यह जिम्मेदारी उन्हीं नेताओं को दी है, जिनके पास अभी कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं है और आने वाले समय में भी पार्टी उन्हें कोई अन्य जिम्मेदारी देने का विचार नहीं रखती है।

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