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मलमास की समाप्ति के साथ बाजारों में रौनक लोटी
By EditorialPublished on
मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के साथ ही भारतीय बाजारों में रौनक लौट आई है। खास तौर पर जवेरी बाजार (Zaveri Bazaar) की बात करें तो 16 दिसंबर 2023 से चल रहे मलमास/खरमास के कारण बाजार में मंदी का माहौल था। लोग गहने खरीदने से बच रहे थे, लेकिन सूर्य के उत्तरायण की ओर होते ही, अब जवेरी बाजार में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए उमड़ने लगे हैं।

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मुंबई । मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के साथ ही भारतीय बाजारों में रौनक लौट आई है। खास तौर पर जवेरी बाजार (Zaveri Bazaar) की बात करें तो 16 दिसंबर 2023 से चल रहे मलमास/खरमास के कारण बाजार में मंदी का माहौल था। लोग गहने खरीदने से बच रहे थे, लेकिन सूर्य के उत्तरायण की ओर होते ही, अब जवेरी बाजार में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए उमड़ने लगे हैं।
15 जनवरी (15 January) को मलमास की समाप्ति के साथ ही बाजार खुलते ही जवेरी बाजार में खरीदारों की रेलमपेल देखी गई। धनजी स्ट्रीट, जवेरी बाजार मुख्य रोड, चंपागली, कालबादेवी, पायधुनी आदि इलाकों में फैले होलसेल स्वर्ण कारोबारियों के यहां खरीददारी करने व नये आर्डर देने के लिए बडी संख्या मे लोग पहुंचे। इस सीजन को देखते हुए जवेरी बाजार के व्यापारियों ने बडी संख्या में नई डिजाइन की रेंज पेश की है। इस साल विवाह के मुहूर्त बडी संख्या में हैं। जनवरी में विवाह के कुल 9 मुहूर्त हैं। बाजार की हलचल पर पढ़ें हमारे संवाददाता मनीष पालीवाल की रिपोर्ट
70 हजार जा सकता है सोना
बाजार के होलसेल व्यापारी व श्रीशुभम के केसर सिंह खरवड़ का कहना है कि विभिन्न कारणों के चलते इस वर्ष सोना 70 हजार का भाव व चांदी 1 लाख के पार हो जाए तो बडी बात नही है। वे बताते हैं कि दोनों धातुओं में मूल्य बढोतरी की निरंतरता बनी हुई है, और सुरक्षित निवेश के साथ-साथ आम जन जीवन में भी सोने चांदी का आदान-प्रदान होने की वजह से भाव में जबरदस्त बढ़ोतरी हो रही है। सिंह ने सलाह दी कि इस वर्तमान कीमत पर यह दोनों धातु खरीदना फायदे का सौदा साबित हो सकता है l
मलमास मे हुई बुकिंग, अब लेंगे डिलीवरी
स्वर्ण सृष्टि ज्वेलर्स के नरेंद्र संघवी बताते हैं कि मलमास जिसे खरमास भी कहा जाता है, के दौरान बाजार में मंदी का माहौल रहता है। लेकिन अधिकतर खरीददार मलमास के दौरान खरीदे जाने वाले आभूषणों की बुकिंग करवा लेते हैं, लेकिन आभूषणों की डिलीवरी वह अच्छे समय पर लेते हैं जो संक्रांति के बाद का समय होता है। इससे उन्हें भाव के डिफरेस व समय पर डिलीवरी का दोहरा फायदा होता है।
गुणवत्ता वाली चीज खरीदने लगे हैं ग्राहक
राजलक्ष्मी ज्वेलर्स के सुरेश कोठारी बताते हैं कि इस सीजन को लेकर बहुत अच्छी संभावना है। जहां तक ग्राहकों की बात करें, अब ग्राहक नई-नई वैरायटी के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता का सोना लेना पसंद करने लगे हैं। हॉलमार्किंग कानून के बाद उसके महत्व को आम जनता के साथ-साथ दुकानदारों ने भी स्वीकार करना शुरू कर दिया है, जिससे बिजनेस में बड़े पैमाने पर फेयरनेस आई है। वर्तमान समय मे बजार मे प्रतिदिन नई नई डिजाइन आ रही है जिससे बिजनेस करने के लिए नये अवसर पैदा हो रहे हैं।
बंगाली कारीगरों के पास डिलीवरी का दबाव बढा
मुंबई के ज़वेरी बाजार की सकरी गलियों में छोटी-छोटी चाल के अंदर सोने का आभूषणों का निर्माण करने वाले बंगाली कारीगरों के ऊपर भी अब सीजन खुलने के साथ ही आभूषणों की समय पर डिलीवरी देने का दबाव बढ़ गया है। ज्वेलर्स आभूषण निर्माण फैक्ट्री चलाने वाले मोक्ष ज्वेल्स कंपनी के निर्मल जैन बताते हैं कि वर्तमान दौर में मारवाड़ी आभूषणों की धूम है। ग्राहकों के दबाव के कारण होलसेलर हम पर दबाव बनाते हैं जिसके चलते हमें फैक्ट्री पर दिन रात दो पाली में काम करना पड रहा है। इस सीजन के चलते गांव गए बंगाली कारीगर मुंबई लौट आए हैं लेकिन काम का जबरदस्त दबाव है।
दुल्हन खुद बाजार आकर पसंद करती है आभूषण
राजवाड़ा एंटीक आर्ट स्टूडियो का संचालन करने वाले मुकेश पामेचा बताते हैं कि पहले के जमाने में माता-पिता या सास ससुर अपने बच्चों के लिए वैवाहिक आभूषण पसंद करके लेकर जाते थे। उसे ही विवाह में इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन बदलते दौर में दुल्हन खुद दुकान पर आती हैं और अपने पसंद के आभूषण खरीदती है। वर पक्ष अपने आभूषण की लिमिट का दायरा बता देते हैं। उसके बाद दुल्हन अपने माता-पिता व बहनों के साथ होलसेल दुकान पर जाकर ऑर्डर दे देती है। पसंद किए गए गहने दूल्हे के घर पहुंचा दिए जाते हैं। जिसे सगाई या तिलक दस्तूर पर दुल्हन को विधिवत भेंट किया जाता है। पामेचा बताते हैं कि 2024 सीजन को लेकर तमाम होलसेलर ने बडे पैमाने पर तैयारी कर रखी है।

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