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17 से खुल जाएगा भगवान जगन्नाथ मंदिर का परिक्रमा कॉरिडोर
By EditorialPublished on
काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) और उज्जैन (Ujjain) के महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) की तर्ज पर पुरी (Puri) के भगवान जगन्नाथ मंदिर (Lord Jagannath Temple) को और भव्य बनाने के लिए इसके चारों तरफ परिक्रमा कॉरिडोर विकसित किया गया है। 75 मीटर के इस गलियारे का शुभारंभ 17 जनवरी को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक करेंगे। करीब 800 करोड़ रूपये की लागत से तैयार की गई परियोजना का उद्देश्य इस महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराना है। चारधाम में से एक ओडिशा के पुरी में

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पूरी (एजेंसी)। काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) और उज्जैन (Ujjain) के महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) की तर्ज पर पुरी (Puri) के भगवान जगन्नाथ मंदिर (Lord Jagannath Temple) को और भव्य बनाने के लिए इसके चारों तरफ परिक्रमा कॉरिडोर विकसित किया गया है। 75 मीटर के इस गलियारे का शुभारंभ 17 जनवरी को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक करेंगे। करीब 800 करोड़ रूपये की लागत से तैयार की गई परियोजना का उद्देश्य इस महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराना है। चारधाम में से एक ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ धाम मंदिर है। यहां भगवान जगनाथ यानी श्रीकृष्ण, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजते हैं। पुरी के जिलाधिकारी समर्थ वर्मा ने बताया कि 'श्री मंदिर परिक्रमा प्रकल्प' मुख्यमंत्री पटनायक का 'ड्रीम प्रोजेक्ट' है। इसे तीन साल में ही पूरा कर लिया गया। परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण सबसे चुनौतीपूर्ण काम था। यहां चारों ओर 19 मठ भी हैं, जो बहुत ही ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक महीने के अंदर करीब 26 एकड़ भूमि अधिग्रहित कर ली गई। परियोजना के लिए कुल 488 एकड़ निजी भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसमें 445 दुकानें, 30 लॉज और 19 मठ थे। सीएम पटनायक ने नवंबर 2021 में परियोजना की आधारशिला रखी थी। शुभारंभ समारोह तीन दिनों तक चलेगा जो 15 जनवरी को शुरू होगा। पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव तीन दिन चलने वाले यज्ञ की पूर्णाहुति करेंगे। जगन्नाथ मंदिर पुजारी विनायक दास महापात्रा ने बताया कि परिक्रमा प्रकल्प के पूरा हो जाने से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की तादाद में निश्चित तौर पर बढ़ोतरी होगी। स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी। मंदिर परिसर में गैर हिंदू के प्रवेश पर पहले की ही तरह प्रतिबंध रहेगा लेकिन वे परिक्रमा करने को स्वतंत्र होंगे।
35 नहीं, अब 10 मिनट
पहले मंदिर तक पहुंचने में 30 से 35 मिनट की यात्रा करनी पड़ती थी। पुरी के आधे हिस्से से होकर गुजरना पड़ता था और ट्रैफिक सामना करना पड़ता था। लेकिन अब पुरी बाईपास रोड से ट्रंपेट ब्रिज से श्री सेतु से जेबीपीसी तक एक नया रास्ता बनाया गया है। जिससे यात्रा का समय घटकर केवल 10 मिनट रह गया है। वहीं, तीर्थयात्रियों के लिए आसान पार्किंग की सुविधा भी दी गई है। भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के अंत में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान, सुनाबेशा को देखने के लिए करीब एक लाख लोग भी शामिल होंगे। पहले केवल कुछ हजार लोग ही इसका अनुभव लेने के लिए मंदिर में आ सकते थे।

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