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नाथद्वारा नगर पालिका में राजनीतिक भूचाल के संकेत
By EditorialPublished on
नाथद्वारा नगरपालिका विधानसभा चुनाव (Vidhansabha election) में कांग्रेस (congress) की करारी हार और भाजपा (BJP) की अप्रत्याशित जीत के सदमे से कांग्रेस अभी उभर भी नहीं पाई है कि भारतीय जनता पार्टी के रडार पर नाथद्वारा की कांग्रेसनीत नगर पालिका आ गई है। राजनीतिक गलियारों के विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले दिनों में नाथद्वारा (Nathdwara) नगर पालिका बोर्ड में भाजपा आमूलचूल परिवर्तन की रणनीति तैयार कर रही हैं। विश्वस्त सूत्र संकेत दे रहे हैं कि नगर भाजपा अब कांग्रेस के पालिका अध्यक्ष मनीष राठी

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जगदीश सोनी | नाथद्वारा नगरपालिका विधानसभा चुनाव (Vidhansabha election) में कांग्रेस (congress) की करारी हार और भाजपा (BJP) की अप्रत्याशित जीत के सदमे से कांग्रेस अभी उभर भी नहीं पाई है कि भारतीय जनता पार्टी के रडार पर नाथद्वारा की कांग्रेसनीत नगर पालिका आ गई है। राजनीतिक गलियारों के विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले दिनों में नाथद्वारा (Nathdwara) नगर पालिका बोर्ड में भाजपा आमूलचूल परिवर्तन की रणनीति तैयार कर रही हैं। विश्वस्त सूत्र संकेत दे रहे हैं कि नगर भाजपा अब कांग्रेस के पालिका अध्यक्ष मनीष राठी की कुर्सी को ही खतरे में डालने की स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है। इस कार्य को अत्यन्त गोपनीय तरीके से अंजाम देने के लिए भाजपा ने पालिका के कुछ अधिकारियों को कथित अभयदान की पेशकश कर पर्दे के पीछे से अपने खेमे में मिला लिया है। वहीं कांग्रेस से खफा कुछ कार्मिक तो खुल कर भाजपा नेताओं के आसपास उनकी गुडबुक में आने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं।
हालांकि अभी बहुमत का जादुई आंकड़ा भाजपा के पास नहीं है। वर्तमान में पालिका में कांग्रेस के 29 पार्षद हैं व एक निर्दलीय है। भाजपा के पास मात्र दस पार्षद है। परन्तु बहुमत और जनादेश के बावजूद ऑपरेशन लोटस के सहारे सरकारें पलटने में सिद्धहस्त भाजपा नाथद्वारा में भी बड़ा दांव खेलने और डॉ. सीपी जोशी (CP Joshi) को तगड़ा झटका देकर बड़ा संदेश देने की तैयारी में जुट गई लगती है। भाजपा के एक नेता ने अपना नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट पार्षद उनके संपर्क में हैं। वहीं दूसरी ओर एक और चौंकाने वाली खबर के संकेत मिले हैं जिसमें कांग्रेस के एक उच्त्व स्तरीय सम्पर्क रखने वाले प्रभावशाली और महत्वाकांक्षी पार्षद ने कांग्रेस के 10 असन्तुष्ट पार्षदों को गोलबंद करते हुए गुप-चुप खेमाबदली की घुट्टी पिला दी है। बस उस घुट्टी के बाद की किलकारी फूटना बाकी है। अध्यक्ष मनीष राठी को झटका देने वाला कांग्रेसी गुट फिर गोपनीय तरीके से सक्रिय होने की राह पर अग्रसर हैं।
नई भाजपा राज्य सरकार द्वारा कांग्रेस शासन में नियुक्त हुए मनोनीत पार्षदों को हटाने के साथ ही भाजपा खेमे में मनोनीत पार्षद बनने की चाह में भाजपा के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता नगर अध्यक्ष प्रदीप काबरा एवं विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ से नजदीकियां बढ़ाने की होड़ में लग गए हैं। भाजपा सरकार की ओर से नगर पालिका में मनोनीत होने की जुगत में लगे भाजपा के राजेंद्र सनाढ्य, कुलदीप कनेरिया, प्रकाश समोता, महेश चौधरी, योगेश पुरोहित, गोपाल पुरोहित, मोहम्मद असलम सुषमा धाकड़, ऐश्वर्या सोनी, रेणुका पंवार, अरुणा मराठा जमना सोनी, विमला वागरेचा के नाम संभावित मनोनीत पार्षदों की लिस्ट के लिए चर्चा में हैं।
पार्षदों के अलावा पालिका में नए विधि सलाहकार बनने की होड़ में एड्वोकेट कमलेश अजमेरा, दीपक पालीवाल, मनीष सनाढ्य, हर्ष माली सहित सनातनी विचारधारा से जुड़े अन्य अधिवक्ता के नामों की चर्चा है। वहीं इस संबंध में भाजपा के नगर अध्यक्ष प्रदीप काबरा ने बताया कि यही नहीं अभी बहुत कुछ परिवर्तन होंगे जिनकी समय आने पर आपको जानकारी मिल जाएगी। काबरा ने बताया कि आने वाले दिनों में मनोनीत पार्षदों के नाम को लेकर विधायक विश्वास सिंह मेवाड़ से चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा। इस बीच भाजपा नेता ने बताया कि अगर परिस्थितियां सब कुछ अनुकूल रही तो नाथद्वारा नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड बन सकता हैं। बहरहाल राजनीति की शतरंज पर शह और मात की चालों को लेकर दबी जुबान से बातें बाहर आने से कयास लगाए जा रहे हैं।

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