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मराठी नामफलक अभियान में आई सुस्ती, डेढ महीने में केवल 15 फीसदी दुकानों की हुई जांच
By EditorialPublished on
मुंबई (Mumbai) में दुकानों के मराठी नामफलक (Marathi Name Plate) को लेकर प्रशासन और दुकानदार संगठनों के बीच इतनी रस्साकशी के बाद बीएमसी नेकरीब डेढ़ महीने पहले मराठी नामफलक की जांच और कार्यवाहीकी शुरुआत की थी। लेकिन खास बात यह है कि इतने समय में अभीतक बीएमसी (BMC) ने शहर की केवल 15 फीसदी दुकानों के नामफलककी ही जांच की है। जांच की गई दुकानों में से करीब दो से तीनफीसदी दुकानों को नियम उल्लंघन का दोषी पाया गया है।

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मुंबई । मुंबई (Mumbai) में दुकानों के मराठी नामफलक (Marathi Name Plate) को लेकर प्रशासन और दुकानदार संगठनों के बीच इतनी रस्साकशी के बाद बीएमसी नेकरीब डेढ़ महीने पहले मराठी नामफलक की जांच और कार्यवाहीकी शुरुआत की थी। लेकिन खास बात यह है कि इतने समय में अभीतक बीएमसी (BMC) ने शहर की केवल 15 फीसदी दुकानों के नामफलककी ही जांच की है। जांच की गई दुकानों में से करीब दो से तीनफीसदी दुकानों को नियम उल्लंघन का दोषी पाया गया है।
गौरतलब है कि मराठी नामफलक के मुद्दे पर प्रशासन के साथदुकानदार संगठनों का विवाद सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक पहुंच गया था। आखिरकार 25 सितंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला बीएमसी केपक्ष में सुनाते हुये दुकानदार संगठनों को नामफलक बदलने के लियेदो महीने की मोहलत दी थी। इसी आधार पर बीएमसी ने 28 नवंबर2023 को बीएमसी ने नामफलकों की जांच की कार्यवाही शुरु करदी थी। हालांकि तब भी दुकानदार संगठन बीएमसी से और थोड़ीमोहलत देने की मांग कर रहे थे लेकिन बीएमसी ने साफ इंकार करतेहुये जांच कार्यवाही शुरु कर दी थी।पूरी मुस्तैदी के साथ कार्यवाहीकरते हुये बीएमसी ने इसके लिये वार्ड स्तर पर टीम का गठन किया हैऔर नियमित आधार पर जांच की जा रही है। हालांकि इसके बादबीएमसी ने 10 जनवरी 2024 तक की अपनी कार्यवाही के तहत72,794 दुकानों की जांच की है। शहर में कुल लगभग पांच लाख सेज्यादा दुकानें हैं। दुकानदारों के संगठन फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्सवेलफेयर एसोसिएशन (एफआरडीडब्ल्यूए) के मुताबिक 80 फीसदीसे ज्यादा दुकानों के नामफलक बदले जा चुके हैं।

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