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खरमास बाद बिहार में आएगा सियासी भूचाल? मांझी का दावा
By EditorialPublished on
बिहार (Bihar) के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने इंडिया गठबंधन को लेकर बड़ा दावा किया है। कहा है कि खरमास के बाद नीतीश कुमार (Nitish Kumar) बड़ा फैसला लेने वाले हैं। वह कभी भी पलटी मार कर लालू यादव और महागठबंधन के दलों को झटका दे सकते हैं। पूर्व सीएम पहले भी ऐसा दावा कर चुके हैं कि एनडीए में जाने के अलावे उनके पास कोई सुरक्षित उपाय नहीं है।

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पटना (एजेंसी)। बिहार (Bihar) के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने इंडिया गठबंधन को लेकर बड़ा दावा किया है। कहा है कि खरमास के बाद नीतीश कुमार (Nitish Kumar) बड़ा फैसला लेने वाले हैं। वह कभी भी पलटी मार कर लालू यादव और महागठबंधन के दलों को झटका दे सकते हैं। पूर्व सीएम पहले भी ऐसा दावा कर चुके हैं कि एनडीए में जाने के अलावे उनके पास कोई सुरक्षित उपाय नहीं है।
गया में मीडिया से बात करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि नीतीश कुमार को भाजपा (BJP) के बुलावे का इंतजार है। भाजपा अगर आज उन्हें बुला दे तो उनके साथ जाने के लिए तैयार हो जाएंगे। पूर्व सीएम ने पुरानी बातों को भी याद दिलाया। कहा कि नीतीश कुमार पहले एडीए गठबंधन में शामिल होकर बिहार के मुख्यमंत्री थे। फिर नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का बहाना बनाकर एनडीए छोड़ दिया और महागठबंधन में चले गए। लेकिन वहां भी ज्यादा दिन नहीं ठहर सके। 2016 में अपनी पार्टी जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर पार्टी की कमान अपने हाथों में ली और 2017 में तेजस्वी यादव पर चार्ज शीट का बहाना बनाकर महागठबंधन से निकल गए। फिर से भाजपा के साथ एनडीएम में शामिल होकर मुख्यमंत्री बन गए। आज फिर वही स्थितियां सामने आ गई हैं। लैंड फॉर जॉब घोटाला कांड में लालू यादव, तेजस्वी यादव और उनके परिवार के कई सदस्य आरोपी हैं। नीतीश कुमार को अपने डिप्टी सीएम का नाम भ्रष्टाचार में आने से परेशानी हो रही है।
मांझी ने कहा कि नीतीश जी पर लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) का दबाव है। आरजेडी (RJD) के नेता मंत्री अक्सर पूछते रहते हैं कि नीतीश कुमार तेजस्वी को कब बिहार की कमान सौंपेंगे। नीतीश के जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद लालू यादव से मिलने विधानसभा अध्यक्ष उनके आवास पर पहुंचे थे। नीतीश कुमार को इन बातों का नौजेल है कि लालू खेमा की मंशा क्या है। लेकिन वह किसी भी परिस्थिति में अपना सीएम पद छोड़ने वाले नहीं हैं। ऐसे में एक विकल्प यह भी है कि 14 जनवरी के बाद या तो वह पलटी मारेंगे या विधानसभा भंग कर देंगे।

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