National Poisonous Party
पटना (एजेंसी)। लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) 2024 नजदीक आते आते केवल राजनीतिक (Political) गतिविधियां ही नहीं बढ़ीं, बल्कि दलों के नामकरण का दौर भी शुरू हो चुका है। इस खेल में राजनीतिक दल (Political party) अपने विरोधी दल का नाम इस तरह बिगाड़ देते हैं कि उसका प्रभाव भी जनमानस पर नकारात्मक पड़ता है। आगामी लोकसभा चुनाव में कुछ वक्त शेष है पर दलों के बिगड़े नामकरण का दौर शुरू हो गया है। इस बार भाजपा ने राजद का नया नामकरण कर यह जंग छेड़ दी हैं। भाजपा (BJP) ने इस नामकरण की राजनीति को तब शुरू किया जब राजद ने सनातन को लेकर फिर से सियासत चालू की।
भाजपा ने राजद का रखा नया नाम इस बार नामकरण की शुरूआत बिहार भाजपा ने की है। बिहार भाजपा ने राष्ट्रीय जनता दल को नया नाम दे डाला है। इस बार भाजपा ने राजद को राष्ट्रीय जहरीला दल कह दिया है। दिलचस्प तो यह है कि प्रदेश भाजपा के कुछ नेताओं ने राज्य के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर, मंत्री अनिता देवी, विधायक फतेह बहादुर सिंह, अजय यादव के राम मंदिर और प्र.म. नरेंद्र मोदी के बारे में की गई टिप्पणी के चलते ये नया नाम दिया।
अगस्त 2015 में मोदी ने भी जदयू का किया था सियासी नामकरण
एक समय था अगस्त 2015 का। तब गया में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय जनता और जनता दल यू, दोनों दलों की भी नए नाम से नवाजा था। अपने भाषण के क्रम में प्र.म. नरेंद्र मोदी ने कहा था कि राष्ट्रीय जनता दल यानी राजद का सही नाम है 'रोजाना जंगलराज का डर। वहीं प्र.म. मोदी ने जदयू को 'जनता का दमन और उत्पीड़न करने वाली पार्टी का नाम दिया था।
सियासी नामकरण में नीतीश भी पीछे नहीं रहे
इस सियासी नामकरण में सीएम नीतीश कुमार भी पीछे नहीं हैं। भाजपा के राजद और जदयू के नए नामकरण पर नीतीश कुमार ने पलटवार करते हुए कहा था कि भाजपा को हम लोग भारतीय जुमला पार्टी कहते थे। लेकिन भाजपा अब जिस स्तर पर चुनावी बातचीत को ले जा रही है, अब उससे काम चलने वाला नहीं। अब नए व्याकरण के अनुसार भाजपा यानी 'बड़का झूठा पार्टी' के अलावा इस दल का कोई दूसरा नाम नही हो सकता है। इसके बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भाजपा का सियासी नामकरण करते हुए 'भारत जलाओ पार्टी' का नाम दिया था। 2022 में लालू प्रसाद यादव ने ये नाम देते हुए कहा था कि 'बिहार से भगाया, अब दिल्ली से भगाएंगे। मगर इससे सावधान रहना है। दिल्ली में हम इसलिए आए हैं कि यहां सभी पार्टी के साथ मिलकर भाजपा को भगाना है।
Editorial

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