Indian Army Reduction 2027
नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय सेना (Indian Army) में साल 2027 तक 1 लाख सैनिक (Soldier) कम हो जाएंगे। इसकी प्रक्रिया करीब चार साल पहले ही शुरू कर दी गई थी। उस वक्त संसद (Parliament) की रक्षा मामलों की स्टैंडिंग कमिटी (Standing Committee) को भी तत्कालीन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) ने इसकी जानकारी दी थी। सेना प्रमुख जनरल मनोज पाण्डे ने कहा कि सेना में ऑप्टिमाइजेशन (सही तरीके से पूरा इस्तेमाल ) की प्रक्रिया चल रही है और 2027 तक यह पूरी हो जाएगी। यानी तब तक सेना में 1 लाख सैनिक कम हो जाएंगे। जनरल पाण्डे ने कहा कि ऑप्टिमाइजेशन प्रक्रिया के तहत कई यूनिट को कम किया जा रहा है। जैसे हमने एनिमल ट्रांसपोर्ट यूनिट को कम करना पहले ही शुरू कर दिया है क्योंकि अब एनिमल ट्रांसपोर्ट की जगह लॉजिस्टिक ड्रोन, ऑल टेरेन वीइकल का इस्तेमाल हो रहा है। इसी तरह फूड इंस्पेक्शन यूनिट जो कई सालों से थी और फूड लैब जो बहुत वक्त से थी, उसमें ज्यादातर को हमने कम किया है और आगे चलकर हम इन्हें पूरी तरह बंद करेंगे। फूड इंस्पेक्शन के लिए जो बाहर स्ट्रक्चर हैं उनका इस्तेमाल करेंगे। हमने ऑप्टिमाइजेशन का प्लान बनाया था और इसे फेज वाइज शुरू किया। 2027 तक हम इसे पूरा कर लेंगे। यानी तब तक करीब 1 लाख सैनिक कम हो जाएंगे। करीब चार साल पहले संसद की स्टैंडिंग कमिटी को सेना के 'टूथ टू टेल' रेशियो के बारे में बताया गया था। टूथ टू टेल रेशियो सैन्य कार्रवाइयों में भागने वाले और उनके लिए रसद आदि पहुंचाने वाले सैनिकों के बीच के अनुपात को कहा जाता है। अगर टेल यानी सीधी सैन्य कार्रवाई में भाग न लेने वाले सैनिकों की तादाद ज्यादा होगी तो असल सैन्य कार्रवाइयों के लिए जरूरी सैनिकों की तादाद में कमी आती जाएगी। इसलिए अगर सैन्य कार्रवाइयों के लिए जरूरी सैनिकों की संख्या ज्यादा रखनी है तो टेल को कम करना होगा। टूथ टू टेल अनुपात को कैसे कम किया जाएगा स्टैंडिंग कमिटी के इस सवाल पर बताया गया था कि 3-4 साल में करीब एक लाख सैनिकों को कम करने का लक्ष्य है। रक्षा मामलों की स्टैंडिंग कमिटी को बताया गया था कि जब जनरल वी पी मलिक आर्मी चीफ थे तब उन्होंने 50 हजार सैनिक कम करने की सोची। लेकिन अब लक्ष्य करीब एक लाख सैनिकों को कम करने का है।
Editorial

Editorial

Next Story