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अयोध्या (एजेंसी)। 22 जनवरी को रामलला (Ramlala) की प्राण प्रतिष्ठा में केवल 11 दिन शेष रह गए हैं। इस बीच रामनगरी (Ramnagari) रोज निखरती जा रही है। यहां कण- कण में उल्लास है।
500 साल बाद रामलला की जन्मभूमि पर बनकर तैयार भव्य मंदिर में उनके विराजमान होने की खुशी को राम मंदिर (Ram Mandir) ट्रस्ट यादगार बनाने में जुटा हुआ है। प्राण प्रतिष्ठा के दिन बजाने के लिए गुजरात से 600 किलो का सोने- चांदी से मढा नगाड़ा अयोध्या (Ayodhya) पहुंच गया है। वहीं, अयोध्या में 14 लाख दीये ऐसे बनाए जा रहे हैं जो जलाए तो नहीं जाएंगे, लेकिन ऐसा पदार्थ लगा होगा तो रोशनी पाकर जगमग हो उठेगा।
जन्मभूमि की मिट्टी का प्रसाद मिलेगा
प्राण प्रतिष्ठा के आमंत्रित 7000 अतिथियों को रामलला के प्रसाद के साथ चांदी का सिक्का, ब्रास की थाली और अंगवस्त्र दिए जाने की तैयारी है। चांदी के सिक्के के लिए अशोक सिंहल फाउंडेशन से मॉडल मांगे गए हैं। मेहमानों को प्रसाद के रूप में देसी घी से बना 100 ग्रम का खास मोतीचूर का लड्डू जिस पर चांदी का वर्क लगा होगा। इसे दिया जाएगा। इस लड्डू का करीब डेढ़ लाख पैकेट बनाया जा रहा है जिसे 22 और 23 जनवरी को भक्तों को दिया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि की मिट्टी जो कि राम मंदिर के नींव की खोदाई के दौरान निकली थी उसे ट्रस्ट एक डिब्बी में पैक कर भेंट करेगा। इस समारोह में पहुंच रहे प्र.म. मोदी (P.M Modi) सहित अतिथियों को राम मंदिर, अयोध्या से जुड़ा 15 मीटर का एक चित्र होगा। यह सब जूट के एक झोले में होगा, जिस पर राम मंदिर का फोटो है।
सोने-चांदी से मढा 600 किलो का नगाड़ा गुजरात से पहुंचा
22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा उत्सव में बजाने के लिए 600 किलो का नगाड़ा गुजरात से अयोध्या पहुंच गया है। इस नगाड़े पर सोने और चांदी की परत मढी गई है। इसे बनाने में लोहे और तांबे का भी इस्तेमाल हुआ है। इससे नगाड़े को हजारों वर्षों की उम्र दी जा सकने का प्रयास किया

Editorial

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