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हैलीकॉप्टर किराए पर देने का झांसा देकर 27 लाख हड़पे
By EditorialPublished on
शहर के समीप डबोक थाना क्षेत्र में एक कंपनी के प्रतिनिधि ने एक हैलीकॉप्टर (helicopter) किराए देने वाली कंपनी के खिलाफ एग्रीमेंट कर 27.50 लाख रूपए ऐंठकर हैलीकॉप्टर किराए पर नहीं देने का मामला दर्ज करवाया है।

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प्रातःकाल संवाददाता उदयपुर। शहर के समीप डबोक थाना क्षेत्र में एक कंपनी के प्रतिनिधि ने एक हैलीकॉप्टर (helicopter) किराए देने वाली कंपनी के खिलाफ एग्रीमेंट कर 27.50 लाख रूपए ऐंठकर हैलीकॉप्टर किराए पर नहीं देने का मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस के अनुसार स्काई लाईन सर्विसेज की प्रोपराइटर जमना शर्मा पत्नी जयप्रकाश जोशी के प्रतिनिधि जयप्रकाश जोशी निवासी डबोक ने सार एविएशन सर्विसेज के अधिकृत प्रतिनिधी संस्कृति पांडे निवासी जगपुरा एक्सटेन्शन न्यू देहली, गिरीश चन्द्र पाण्डेय, रश्मि पाण्डेय, अतुल जैन निवासी ब्लॉक डी पॉकेट 11 सेक्टर 8 रोहिणी न्यू देहली, आशीष जायसवाल निवासी ब्लॉक डी पॉकेट सेक्टर 8 रोहिणी न्यू देहली ने मामला दर्ज करवाया कि उसकी पत्नी जमना शर्मा की फर्म स्काई लाईन सर्विसेज हलीकॉप्टर किराए पर उपलब्ध कराने का कार्य करती है। उसकी फर्म स्काई लाईन सर्विसेज को किराए पर हेलीकॉप्टर की आवश्यकता थी, जिस पर सार एवीएशन सर्विसेज प्राईवेट लिमिटेड की तरफ से उनकी प्रतिनिधि संस्कृति पाण्डेय से उनके पिता गिरीश पाण्डेय एवं कैप्टन जितेन्द्र हरजाई के माध्यम से मुलाकात हुई, जो कि इस कंपनी के डायरेक्टर भी थे।
उन्होने 55 हजार रूपये प्रति घण्टे की दर से एक वर्ष मे 300 घण्टे के लिए किराये पर देने का से 1 उनकी फर्म के पक्ष में 22 अक्टूम्बर 2021 को एक इकरार किया और इंकरार के समय 27 लाख 50 हजार रूपए अग्रिम राशि के रूप में देना तय हुआ। लिखित ईकरार से पूर्व फर्म ने 5 लाख रूपये 10 नवम्बर 2020 को ऑन लाईन ट्रांसफर कर दिए थे। इकरार के दिन 13 लाख रूपए ऑन लाईन 20 नवम्बर 2021 को 5 लाख रूपए एवं शेष 4 लाख 50 हजार रूपए कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। फर्म द्वारा इकरार की पालना करने के बावजूद भी आरोपी फर्म द्वारा कभी भी हेलीकॉप्टर उपलब्ध नहीं करवाया गया, जबकि हमने डबोक एयरपोर्ट पर बुकिंग के लिए एयरपोट्स औथेरिटी ऑफ इण्डिया लाख रूपए अग्रिम देते हुए 30 हजार रूपए प्रतिमाह की दर से एक ऑफिस भी किराए पर ले लिया है। इस ईकरार के बाद इस कंपनी ने ग्राहको से बुकिंग ले ली थी और ग्राहक लगातार हेलीकॉप्टर उड़ान की मांग कर रहे थे परन्तु कंपनी द्वारा हैलीकॉप्टर उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है। कई बार कंपनी में सम्पर्क करने के बाद भी कार्यवाही नहीं की। इस कंपनी ने अन्य कंपनियों से भी इसी तरह से एग्रीमेंट कर धोखाधड़ी की है। जब कंपनी ने आरोपी कंपनी से 27.50 लाख रूपए की मांग की तो कंपनी ने पैसा देने से इंकार कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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