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जोधपुर स्टेशन के विश्वस्तरीय पुनर्विकास का कार्य तेजी से प्रगति पर
By EditorialPublished on
रेलवे प्रशासन द्वारा जोधपुर स्टेशन (Jodhpur station) का विश्वस्तरीय विकास 474 करोड़ रू. की लागत से किया जा रहा है एवं कार्य युद्ध स्तर पर प्रगति पर हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार महाप्रबन्धक अमिताभ के कुशल दिशा निर्देशन में जोधपुर स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। वर्तमान में द्वितीय प्रवेश द्वार पर बिल्डिंग एवं भगत की कोठी की ओर मल्टी लेवल कार पार्किंग के फाउंडेशन का कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही रेलवे के मौजूदा विभिन्न ऑफिस जैसे कि रेल

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जोधपुर (कास)। रेलवे प्रशासन द्वारा जोधपुर स्टेशन (Jodhpur station) का विश्वस्तरीय विकास 474 करोड़ रू. की लागत से किया जा रहा है एवं कार्य युद्ध स्तर पर प्रगति पर हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार महाप्रबन्धक अमिताभ के कुशल दिशा निर्देशन में जोधपुर स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। वर्तमान में द्वितीय प्रवेश द्वार पर बिल्डिंग एवं भगत की कोठी की ओर मल्टी लेवल कार पार्किंग के फाउंडेशन का कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही रेलवे के मौजूदा विभिन्न ऑफिस जैसे कि रेल सुरक्षा बल, राजकीय रेलवे पुलिस एवं MCO ऑफिस के साथ ही प्रतीक्षालय के अस्थाई स्ट्रक्चर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जिनमे शीघ्र ही ये कार्यालय शिफ्ट किए जाएंगे।
जोधपुर स्टेशन पुनर्विकास में स्टेशन पर मल्टीस्टोरी बिल्डिंग का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्य स्टेशन भवन में मल्टी लेवल कार पार्किंग, आगमन / प्रस्थान हेतु अलग-अलग गेट, संख्या को बढ़ाया जाएगा। सुरक्षा जांच क्षेत्र, 72 मीटर स्टेशन पर मौजूद दोनों चौड़ाई का कॉन्कोर्स एरिया फुटओवर ब्रिज को स्काई वॉक सहित 32 नई लिफ्ट एवं 16 नये से जोड़ा जाएगा। स्टेशन पर एस्केलेटर लगाकर मौजूदा अनारक्षित प्रतीक्षालय, एक्जिक्यूटिव प्रतीक्षालय, खुदरा स्टालें, शौचालय, शिशु आहार कक्ष के साथ ही समस्त प्रकार की आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
जोधपुर स्टेशन का संपूर्ण पुनर्विकास (Redevelopment) सूर्यनगरी (Suryanagari) की समृद्ध विरासत को विभिन्न स्थापत्य कला और विशेषताओं जैसे पत्थर की जाली, मेहराब, गुंबद, छतरी, झरोखा, बारादरी, मेहराब, अलंकरण, पत्थर का आवरण आदि के माध्यम से किया जाएगा। पूरी परियोजना में निर्माण के साथ-साथ संचालन और रखरखाव के दौरान ऊर्जा खपत में कमी के लिए सुविधाओं के साथ ग्रीन बिल्डिंग सुविधाएं होंगी, जो नवीनीकरणीय ऊर्जा के साथ कचरे के प्रसंस्करण, वर्षा जल संचयन आदि जैसे संसाधनों युक्त होगी। कैप्टन शशि किरण ने बताया कि स्टेशन पुनर्विकास का कार्य चार से पांच चरणों में पूरा किया जाएगा।
स्टेशन पुनर्विकास का यह कार्य वर्ष 2026-27 तक पूरा कर लिया जाएगा।

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