Gahlot Ram Mandir
जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Former Chief Minister Ashok Gehlot) ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम (Ram Mandir Pran Pratistha Program) को लेकर भाजपा (BJP) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर बनाने में राजस्थान सरकार का भी बहुत बड़ा योगदान रहा । लेकिन कोई इसके नाम का जिक्र भी नहीं ले रहा है। न हीं प्र. म. मोदी इसका नाम ले रहे हैं और ना कोई अन्य। कम से कम धन्यवाद तो दे देते। इस | दौरान गहलोत ने प्र.म. मोदी के गांधीनगर में हुए रोड शो को लेकर भी तंज कसा।
'निमंत्रण नहीं मिलेगा तो भी मैं जाऊंगा'
मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर जमकर हमले किए। इस दौरान मीडिया ने गहलोत से राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने भाजपा पर निशाना लगाते हुए कहा कि राजस्थान सरकार का भी राम मंदिर निर्माण में बहुत बड़ा योगदान रहा है। लेकिन कोई इसे याद नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार को कम से कम याद तो कर लेते, धन्यवाद तो दे देते। इस दौरान गहलोत ने कहा कि उन्हें प्राण प्रतिष्ठा समारोह में बुलाए या नहीं बुलाए । | मैं बिना बुलाए भी जाऊंगा...पर कब जाऊंगा... यह मेरी मर्जी से जाऊंगा ।
'मेरी मर्जी होगी, जब वहां जाऊंगा वहां...
मीडिया में बातचीत के दौरान गहलोत ने कहा कि मुझे प्राण प्रतिष्ठा समारोह में बुलाए या ना बुलाए, लेकिन मैं वहां बिन बुलाये जाऊंगा। हालांकि उन्होंने कहा कि मैं वहां कब दें जाऊंगा यह मेरी मर्जी है। बता कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह के लिए निमंत्रण पत्र भेजा गया। लेकिन कांग्रेस अब प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर सियासत कर रही है। इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी कुछ इस तरह का ही बयान दिया । इसमें उन्होंने कहा कि राम मंदिर धार्मिक आस्था का विषय है। हम राम मंदिर जाएंगे, लेकिन यह जरूरी नहीं कि हम प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जाएं, उसके बाद भी जा सकते हैं।
प्र. म. मोदी के रोड शो को लेकर भी गहलोत का हमला
गहलोत ने गुजरात के गांधीनगर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक में प्र.म. नरेंद्र मोदी के रोड शो को लेकर निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि प्र. म. मोदी रोड शो पहले भी करते आए हैं। झूले भी झूले हैं। जापान के प्र.म. के साथ चीन के प्र.म. के साथ भी दोस्ती निभाई है। लेकिन इसकी क्या परिणाम होते हैं। वह देखना पड़ता है।
Editorial

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