✕
कांग्रेस के बसपा प्रेम से चिंता में अखिलेश
By EditorialPublished on
कांग्रेस (Congress) के बसपा प्रेम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की चिंता बढ़ती जा रही है। एक तरफ इंडिया गठबंधन के लिए उनकी बातचीत चल रही है दूसरी तरफ वह अपनी पार्टी के उम्मीदवार भी तय करने में जुट गए हैं।

x
लखनऊ (एजेंसी)। कांग्रेस (Congress) के बसपा प्रेम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की चिंता बढ़ती जा रही है। एक तरफ इंडिया गठबंधन के लिए उनकी बातचीत चल रही है दूसरी तरफ वह अपनी पार्टी के उम्मीदवार भी तय करने में जुट गए हैं। समाजवादी पार्टी उम्मीदवारों की एक लिस्ट मकर संक्रांति के आसपास जारी हो सकती है। इस लिस्ट में उन सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए जा सकते हैं जहां पार्टी अपना ठीक-ठाक जनाधार मानती है।
उम्मीदवारों के नाम पर पिछले कुछ दिनों से अखिलेश लगातार पार्टी पदाधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने जिलाध्यक्षों और विधायकों से बंद लिफाफे में फीडबैक भी लिए हैं।
समाजवादी पार्टी की राजनीति पर नज़र रखने वाले जानकारों का कहना है कि पार्टी कांग्रेस से सीट शेयरिंग का मामला जल्द से जल्द सुलझा लेना चाहती है लेकिन कांग्रेस के कई नेता बसपा को भी इंडिया गठबंधन में शामिल करना चाहते हैं। हालांकि अखिलेश यादव इस पर कई बार आपत्ति जता चुके हैं। अखिलेश 14 जनवरी से शुरू हो रही राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा से भी नाखुश नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि कांग्रेस को गठबंधन के सभी सहयोगियों से विचार विमर्श करके और सीट शेयरिंग की बात पक्की करके ही यह यात्रा शुरू करनी चाहिए थी। उन्होंने यहां तक कहा है कि सीट शेयरिंग से पहले यह यात्रा कांग्रेस की ही होगी जबकि इसमें गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के नेता और खासकर सम्भावित उम्मीदवार मजबूती से खड़े दिखाई दे सकते थे। कांग्रेस के रूख को लेकर सशंकित अखिलेश को डर है कि ऐन वक्त पर कहीं खेल न हो जाए।
लिहाजा वह अभी से अपनी तैयारी पुख्ता बनाने में जुट गए हैं। उन्होंने पार्टी के सम्भावित उम्मीदवारों के नाम तय करने शुरू कर दिए हैं। साथ ही इस रणनीति पर भी चल रहे हैं कि यदि गठबंधन में सब ठीक-ठाक रहा तो बाद में जहां जरूरत होगी वहां अपने उम्मीदवार की जगह सीट सहयोगी पार्टी के लिए छोड़ दी जाएगी। अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव 2024 के जरिए लम्बे समय से समाजवादी पार्टी की उम्मीदों पर लगे ग्रहण को हटाना चाहते हैं और इसके लिए वे पूरी ताकत से जुटे हैं।
इंडिया गठबंधन के साथ पार्टी कैडर को अलर्ट मोड में लाकर वह एक साथ कई मोर्चों पर पार्टी की स्थिति को मजबूत बनाने में जुटे हैं।

Editorial
Next Story
Related News
X
