CET exam will have to be given for BCA, BMS, BBA admission
मुंबई। बीसीए, बीएमएस, बीबीए जैसे पारम्परिक महाविद्यालयों में संचालित किये जानेवाले और हाल ही में व्यावसायिक दर्जा प्राप्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये अब छात्रों को जल्द ही सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीएटी) देनी पड़ेगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्देश के अनुसार उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में राज्य के सीईटी प्रकोष्ठ से जल्द ही संवाद किया जायेगा। इसी तरह पाठ्यक्रमों के शुल्क निर्धारण के लिये भी शुल्क नियमन प्राधिकरण (एफआरए) के पास प्रस्ताव भेजा जायेगा। इस प्रस्ताव को अगर सीईटी सेल की मंजूरी प्राप्त होती है तो वर्ष 2025 से बीसीए, बीएमएस और बीबीए के एडमिशन सीईटी के जरिये होंगे।
इन पाठ्यक्रमों के लिये एडमिशन केवल बारहवीं के अंकों के आधार पर होते हैं लेकिन शुल्क विश्वविद्यालय की ओर से मंजूर किया जाता है लेकिन यूजीसी ने 8 जनवरी को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और कुलपति को पत्र लिखकर इन पाठ्यक्रमों का एआईसीटीई कानून के अनुसार नियमन किये जाने के निर्देश दिये थे। इन पाठ्यक्रमों के लिये एआईसीटीई के मार्गदर्शक तत्व लागू होंगे। लिहाजा राज्य सरकार अब इसी अनुसार आगे की कार्यवाही करेगी।
Editorial

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