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मंदिर की सुरक्षा के लिए सरयू की लहरों पर सर्विलांस रूम
By EditorialPublished on
प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर पूरी अयोध्या (Ayodhya) सुरक्षा के घेरे में रहेगी। सात बड़ी सुरक्षा एजेंसियां रामनगरी (Ramnagari) के विभिन्न इलाकों में छानबीन में जुटी हैं। इसके अलावा जिले की सीमाओं पर भी चौकसी चढ़ाई गई है। आने-जाने वाले वाहनों की सघन तलाशी करके ही प्रवेश दिया जा रहा है।

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अयोध्या (एजेंसी)। प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर पूरी अयोध्या (Ayodhya) सुरक्षा के घेरे में रहेगी। सात बड़ी सुरक्षा एजेंसियां रामनगरी (Ramnagari) के विभिन्न इलाकों में छानबीन में जुटी हैं। इसके अलावा जिले की सीमाओं पर भी चौकसी चढ़ाई गई है। आने-जाने वाले वाहनों की सघन तलाशी करके ही प्रवेश दिया जा रहा है।
जिले के विभिन्न इलाकों में बने होटल, लॉज व धर्मशालाओं में भी टीमें छानबीन कर रही हैं। यहां ठहरे व बुकिंग कराए लोगों का भी सत्यापन कराया जा रहा है। वहीं, राम मंदिर (Ram Mandir) की सुरक्षा के लिए सरयू (Sarayu) की लहरों पर अत्याधुनिक तकनीक वाले सर्विलांस रूम बनेंगे। इनके माध्यम से चौधरी चरण सिंह घाट से गुसार घाट तक नदी को निगरानी की जाएगी।
प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी को फ्लीट के रूट पर भी पुलिस टीमें जांच- पड़ताल कर रही हैं। प्राण प्रतिष्ठा के दिन यहां देश और दुनिया के विशिष्टजन उपस्थित होंगे। इसके बाद यहां प्रतिदिन एक से दो लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। प्रदेश के अन्य जिलों से 100 उपाधीक्षक, 300 निरीक्षक, 800 उपनिरीक्षक व 4500 मुख्य आरक्षी व आरक्षियों की मांग की गई है। इसके अलावा पीएसी, आरएएफ, सीआरपीएफ, एसटीएफ, एटीएस, एनआईए, एनडीआरएफ के जवान भी बड़ी संख्या में रामनगरी में मोर्चा संभालेंगे।
तैयारियों के क्रम में सोमवार को पहले चरण में 347 पुलिसकर्मी अयोध्या पहुंच गए। पुलिस अधीक्षक (नगर) ने बताया कि दूसरे चरण में 12 जनवरी व तीसरे चरण में 18 जनवरी को 5300 जवान अयोध्या पहुंचेंगे। अन्य जवानों के आने का सिलसिला भी जारी है। इन्हें सुरक्षा के लिहाज से अलग-अलग स्थानों पर जिम्मेदारी दी जा रही है।
आतंकी गतिविधियों पर नजर
>> नदी के रास्ते अयोध्या में कोई अवांछनीय तत्व अतंकी गतिविधियों के इरादे से प्रदेश न करने पाए, इसके लिए उच्च स्तर की तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
>> सर्विलांस रूम का निर्माण इसी रणनीति वा हिस्स है। इसका निर्माण नदी की लहरों पर जेटी के ऊपर किया जा रहा है।
>> नदी में बाढ़ आने की स्थिति में जेटी के साथ रूम भी ऊपर 30 जाएंगे। पानी कम होगा तो यह स्वतः नीचे हो जाएंगे।

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