Ayodhya
लखनऊ (एजेंसी)। अयोध्या (Ayodhya) में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश के एक से सवा करोड़ श्रद्धालुओं को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजित रामलला के दर्शन कराएगा। हर दिन में संघ के एक प्रांत से दो से ढाई लाख श्रद्धालु अपने नव्य धाम में विराजमान प्रभु श्रीराम के दर्शन करने के लिए अयोध्या पहुंचेंगे। यह सिलसिला 26-27 जनवरी से शुरू होगा। भारत में संघ के 45 प्रांत हैं। संघ जहां इन श्रद्धालुओं के अयोध्या आवागमन, ठहरने, खानपान, दर्शन भ्रमण की व्यवस्था में जुटा है, वहीं उसने इस कार्य में सरकार से भी प्रशासनिक सहयोग की अपेक्षा की है। संघ की कोशिश यह भी है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर उमड़ने वाला सनातन आस्था का ज्वार देश में ऐसा स्पंदन पैदा करे जिसके जरिये सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की धार पैनी कर लोकसभा चुनाव में भाजपा की विजय का मार्ग प्रशस्त किया जा सके।
सोमवार को लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष की पहले आरएसएस और बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक के साथ इसी परिप्रेक्ष्य और उद्देश्य से बैठक हुई। दोनों बैठकों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी व प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह मौजूद थे। पहली बैठक रायबरेली रोड पर संघ के कार्यालय प्रकृति भारती में हुई जिसमें संघ के सह सरकार्यवाह अरूण कुमार, पूर्वी व पश्चिमी क्षेत्रों के क्षेत्र प्रचारक तथा ब्रज, मेरठ, कानपुर, अवध, काशी व गोरक्ष प्रांतों के प्रांत प्रचारक उपस्थित थे। बैठक में संघ की ओर से बीएल संतोष को श्रद्धालुओं को अयोध्या भ्रमण कराने की देशव्यापी योजना की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि प्रत्येक प्रांत से श्रद्धालुओं को अयोध्या लाने के लिए ट्रेनें बुक कराई गई हैं। बैठक में श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन से उनके ठहरने के स्थान तक पहुंचाने, रामलला के दर्शन व रामनगरी का भ्रमण कराने के लिए किए जाने वाले इंतजामों और इसके लिए आवश्यक मानव संसाधन तैनात करने पर चर्चा हुई। यह भी तय हुआ कि देश के अलग अलग क्षेत्रों से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए श्रद्धालुओं के जत्थों के साथ संबंधित भाषाओं के दुभाषिये नियुक्त किए जाएं। संघ की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और परिवहन को लेकर सरोकार जताये गए।
इसके बाद संतोष ने मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर उनके व दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। इसमें श्रद्धालुओं के अयोध्या भ्रमण व दर्शन- पूजन के संबंध में संघ की सरकार से की गई अपेक्षाओं को पूरा करने के बारे में मंथन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के दृष्टिगत रामनगरी में स्वच्छता, सुरक्षा, यातायात, परिवहन आदि की व्यवस्थाओं को चाक चौबंद करने के बारे में चर्चा हुई। संघ की अपेक्षाओं पर खरा उतरने को सरकार भी कमर कस रही है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह और उसके बाद रोजाना श्रद्धालुओं का सैलाब झेलने के लिए तैयार की जा रही अयोध्या में प्रशासनिक तैयारियों को परखने के लिए मुख्यमंत्री मंगलवार को रामनगरी गए। वहीं भाजपा बीएल संतोष और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल व कुछ अन्य राष्ट्रीय पदाधिकारी 10 को अयोध्या जाकर इस संदर्भ में भाजपा संगठन और सरकार के साथ बैठक करेंगे।
Next Story