BJP will take 20 thousand Rajasthanis to visit Ram temple
जयपुर ( कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान में भाजपा ने लोकसभा चुनाव में एक बार फिर सभी 25 सीट जीतने के लिए अयोध्या में बन रहे राम मंदिर को लेकर खास अभियान बनाया है।
इसके तहत प्रदेश की सभी 200 विधानसभा सीटों से 100-100 यानी कुल 20 हजार लोगों को अयोध्या ले जाकर रामलला के दर्शन कराए जाएंगे। यह अभियान 2 महीने 14 जनवरी से 15 मार्च तक चलेगा। पार्टी ने इस अभियान के लिए सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी भी नियुक्त कर दिए हैं।
किन कार्य क्षेत्रों से चुने जाएंगे लोग
भाजपा इस अभियान में अपने-अपने कार्यक्षेत्र में चर्चित, लेकिन गैर विवादित लोगों को राम मंदिर दर्शन कराने लेकर जाएगी, जिनका विभिन्न सामाजिक वर्गों समुदायों में अपना खास प्रभाव है।
खेल ■ विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी
कलाकार ■ चित्र, नृत्य, मांडना, गीत-संगीत, अभिनय, रामलीला, मूर्तिकला आदि क्षेत्रों के प्रतिष्ठित कलाकार
धार्मिक ■ विभिन्न समाजों से जुड़े धार्मिक संगठनों के नेता, आचार्य, मठाधीश, सेवादार, पीठाचार्य जैसे लोग जिनका प्रभाव क्षेत्र के धार्मिक संगठनों समुदायों में है
सामाजिक नेता ■ क्षेत्र में कार्यरत कई तरह के सामाजिक संगठनों के नेता जो लंबे समय से विभिन्न सामाजिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं
विद्वान - विशेषज्ञ ■ विधि, पत्रकारिता, शिक्षण, भाषा, साहित्य, चिकित्सा, सेना आदि से जुड़े विषयों के विद्वान - विशेषज्ञ
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता ■ भारत रत्न सहित विभिन्न पद्म पुरस्कारों और अन्य राष्ट्रीय महत्व के पुरस्कारों से सम्मानित लोग
महिलाएं ■ विभिन्न कार्यक्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाली महिलाएं
भामाशाह ■ संबंधित विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक कार्यों में भामाशाह (दानदाताओं) की भूमिका निभाने वाले लोग
कारसेवकों और आपातकाल के मीसाबंदियों की विशेष श्रेणी
राम मंदिर दर्शन के लिए अयोध्या ले जाए जाने वाले लोगों में एक खास श्रेणी उन लोगों की भी हैं, जो दिसंबर, 1992 में राजस्थान सहित देश के विभिन्न प्रदेशों से वहां गए थे । ऐसे सभी कारसेवकों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। अधिकांश आज भी भाजपा या राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से किसी न किसी तरह से जुड़े हुए हैं।
इनके अलावा जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश में आपातकाल (जून, 1975) लागू किया था, तब जो लोग आपातकाल के विरोध में जेल गए थे, उन पर मीसा एक्ट लागू किया गया था। वे मीसाबंदी कहलाते हैं।
जब वर्ष 2003-08 और 2013-18 में राजस्थान में भाजपा की सरकार थी, तब उन सभी मीसाबंदियों के लिए मासिक पेंशन भी शुरू की गई थी। जिसे कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया था। उन सभी मीसाबंदियों को भी अयोध्या ले जाया जाएगा।
विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया जाएगा
अभियान के संयोजक और प्रदेश महामंत्री जगबीर सिंह छाबा ने बताया- अयोध्या ले जाने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 100 लोगों का चयन पार्टी के कार्यकर्ताओं की सूचनाओं के आधार पर किया जाएगा। अधिकांश सूचियां बन गई हैं, जिन्हें जल्द ही पार्टी मुख्यालय के स्तर पर फाइनल कर लिया जाएगा। विशेष ट्रेनों का प्रबंध किया जाएगा। साथ ही कुछ अन्य सुविधानजक विकल्पों - वाहनों पर भी विचार किया जा रहा है।
अयोध्या किसी भी जाति-धर्म के लोग जा सकते हैं । इस अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वालों का चयन किया जाएगा।
इस पहल के पीछे भाजपा के 4 मकसद
लोकसभा चुनाव तक मुद्दे को चार्ज रखना
भाजपा के लिए राम मंदिर निर्माण उसके आधारभूत वादों और लक्ष्यों में से सबसे प्रमुख रहा है। ऐसे में इस वादे और लक्ष्य के पूरा होने पर भाजपा इस मुद्दे को लोकसभा चुनाव के लिए अप्रैल-मई तक चार्ज रखना चाहती है।
दर्शन करने वालों के जरिए हर विस क्षेत्र में प्रचार
हर विधानसभा क्षेत्र के 100 अलग-अलग प्रतिष्ठित लोग जब अयोध्या जाएंगे तो अपने अनुभवों को वापस आकर क्षेत्र में साझा भी करेंगे। इससे भाजपा के प्रचार तंत्र को चुनाव में स्वाभाविक बढ़त मिलेगी।
युवाओं तक भाजपा की विचारधारा पहुंचाना
राम मंदिर कब बना, कब उस पर आक्रमण हुआ, क्या उसका महत्व रहा, व्यायालय के निर्णय क्या रहे आदि की जानकारी नई पीढ़ी को देना भी भाजपा को आवश्यक लग रहा है। पिछले तीन दशक में बड़े हुए युवाओं तक भाजपा अपनी मूल विचारधारा को स्थाई करना चाहती है।
कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखना
राजस्थान में हाल ही विधानसभा चुनाव सम्पन्न हुए हैं और लोकसभा चुनाव करीब चार महीने दूर हैं। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं के जोश और सक्रियता के वेग (मोमेंटम ) का उपयोग करना चाहती है। इस अभियान के तहत करीब 20,000 लोगों को ले जाने की व्यवस्थाओं में हर विधानसभा क्षेत्र में सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया जाएगा।
Editorial

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