nathdwara janmashtami
नाथद्वारा ( प्रातः काल संवाददाता ) । विश्व प्रसिद्ध पुष्टिमार्गीय प्रधानपीठ श्रीजी प्रभु की नगरी का दो दिवसीय जन्माष्टमी (Janmashtami) व दीपावली (Diwali) का अन्नकूट महोत्सव विश्व धार्मिक पर्यटन में अलग पहचान रखता हैं। श्रीजी की हवेली में दो दिवसीय पर्व के पहले दिन जन्माष्टमी पर्व हर्षोल्लास के साथ सैकड़ो वर्षों की परम्पराओ का निर्वहन करते हुए मनाया गया। पीआरओ गिरीश व्यास ने बताया कि जन्माष्टमी पर्व के पहले दिवस गुरुवार को अल सुबह जन्माष्टमी पर्व पर श्रीजी प्रभु को मंगला में पंचामृत स्नान करवाया गया उसके उपरांत लाडले लाल नवनीत प्रियाजी को भी स्नान हुआ जिसमे दूध, दही, घी, मिश्री, शहद शामिल रहे। श्रृंगार झाँकी में राजपुरोहित द्वारा श्री कृष्ण अवतार लेने का विवरण किया। जन्माष्टमी पर्व पर श्रीजी प्रभु की दर्शन झांकियों के समय में भी बदलाव रहा वही प्रत्येक झाँकी में दुनिया भर के प्रभु भक्तों के साथ रामदेवरा जाने वाले जातरुओं की खासी भीड़ रही। देर शाम हुए प्रभु के जन्माष्टमी विशेष जागरण के दर्शनों में कई वीआईपी भी शीश नवाने पहुचे ।
शाम को निकली सजी धजी शोभायात्रा, झांकियों ने मन मोहा
जन्माष्टमी पर्व को लेकर शाम 6 बजे बाद रिसाला चौक से शोभायात्रा निकाली गयी जो देर रात्रि को समाप्त हुई। शोभायात्रा बैंक ऑफ बड़ोदा, गांधी रोड, चौपाटी, दिल्ली बाजार, गोविंद चौक, बड़ा बाजार, मन्दिर परिक्रमा होकर पुन:रिसाला चौक में विसर्जित हुई। शोभायात्रा में सबसे आगे श्रीनाथ बेंड मधुर धुन बिखेरते हुए चल रहा था जिस पर गोविंद पलटन के जवानो की कदमताल दर्शकों को आकर्षित कर रही थी उनके पीछे श्री कृष्ण जीवन पर आधारित विभिन्न झाकिया, सुखपाल में विराजित श्री कष्णि की छवि लेकर भक्त चल रहे थे । शोभायात्रा में वैष्णव भक्तजन भजन कीर्तन करते हुए उल्लास के साथ चल रहे थे। शोभा यात्रा में वैष्णव के साथ- स्थानीय भक्तजन, मन्दिर मण्डल सीईओ जितेंद ओझा, संपदा अधिकारी सुधांशु पांडे, वित्त प्रबंधक मुकेश शर्मा, एसडीएम मनमोहन शर्मा, डिप्टी दिनेश सुखवाल, सीआई सुनील शर्मा, पार्षद गोपेश बागोरा सहित कई लोग शामिल रहे।
Editorial

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