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सनातन पर बंटा विपक्ष, बयानवीरों से कैसे संभलेगा इंडिया
By EditorialPublished on
नई दिल्ली (एजेंसी)। सनातन धर्म को खत्म करने की बात कहने वाले डीएमके नेता (DMK Leader) और तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन (Tamil Nadu CM MK Stalin) के बेटे उदयनिधि (Udayanidhi) ने जो बखेड़ा खड़ा किया है, उस पर विपक्षी गठबंधन (इंडिया) (Alliance (India))&nbs

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नई दिल्ली (एजेंसी)। सनातन धर्म को खत्म करने की बात कहने वाले डीएमके नेता (DMK Leader) और तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन (Tamil Nadu CM MK Stalin) के बेटे उदयनिधि (Udayanidhi) ने जो बखेड़ा खड़ा किया है, उस पर विपक्षी गठबंधन (इंडिया) (Alliance (India)) में दो फाड़ नजर आ रहा है। इंडिया के बाकी साथी डीएमके और कांग्रेस नेताओं के बयान पर डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं। केजरीवाल और ममता बनर्जी के बाद संजय राउत भी बयान से पल्ला झाड़ चुके हैं। बवाल तब शुरू हुआ, जब उदयनिधि ने सनातन को खत्म करने की बात कही, फिर उसी पार्टी के एक और नेता ए राजा ने सनातन की तुलना एचआईवी (HIV) और कुष्ठ रोग (leprosy) से कर दी। कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक ने सनातन को बीमारी कह डाला। हालांकि उदयनिधि और खड़गे अपने बयान पर सफाई दे चुके हैं लेकिन, इन बयानों से विपक्षी दलों में एकता की कलई खुलती नजर आ रही है।
सनातन धर्म को लेकर विपक्षी नेताओं के बयान उन्हीं के गले की फांस बनता जा रहा है। डीएमके नेता और तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने एक कार्यक्रम के दौरान सनातन पर काफी कुछ कहने के बाद इसे खत्म कर देने की बात कही । यह विवाद जैसे ही उठा, कांग्रेस ने बयान से पल्ला झाड़ दिया और इसे डीएमके का मुद्दा कह डाला। इसके बाद कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक ने सनातन की तुलना बीमारी से कर दी। डीएमके के एक और नेता ए राजा ने सनातन को एचआईवी और कुष्ठ रोग कह डाला ।
पहले बयान फिर डैमेज कंट्रोल
उदयनिधि और प्रियांक खड़गे ने अपने बयान पर सफाई दी है। उदयनिधि ने कहा कि वह धर्म के बारे में कमेंट नहीं करना चाह रहे थे । अबइंसानों के बीच भेदभाव करता है, वह धर्म नहीं है। मैं संविधान को मानता हूं, मेरा धर्म संविधान है। अगर वे चाहें तो मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकते हैं या वे मुझे गिरफ्तार करना चाहते हैं, यह व्यक्तियों पर निर्भर है, मुझे वास्तव में परवाह नहीं है । ये लोग कन्नड़, हिंदी या अंग्रेजी नहीं समझते हैं। मैंने केवल इतना कहा है कि संविधान मेरा धर्म है। क्या भाजपा को इससे कोई समस्या है उन्हें जितनी चाहें उतनी एफआईआर दर्ज करने दें, वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं।
सनातन पर बंट गया इंडिया
सनातन पर इंडिया गठबंधन के नेताओं के बयान आपस में मेल नहीं खाते। उदयनिधि और प्रियांक के बयान से बखेड़ा खड़ा होने के बाद आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बयान से पल्ला झाड़ दिया। उन्होंने कहा कि वह खुद सनातनी धर्म से आते हैं और किसी दूसरे के धर्म पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उधर, पश्चिम बंगाल की सीएम और टीएमसी नेता ममता बनर्जी ने कहा, हर धर्म से अलग-अलग भावनाएं जुड़ी हुई होती हैं। मैं दक्षिण भारतीय लोगों का बहुत सम्मान करती हूं लेकिन, हर धर्म का सम्मान करना जरूरी है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत का कहना है, मैंने वह बयान सुना है... उदयनिधि स्टालिन एक मंत्री हैं और कोई भी उनके बयान का समर्थन नहीं करेगा और किसी को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए। यह डीएमके का विचार हो सकता है या उनका निजी विचार। इस देश में लगभग 90 करोड़ हिंदू रहते हैं और अन्य धर्मों के लोग भी इस देश में रहते हैं, उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई जा सकती।
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