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नाथद्वारा में जन्माष्टमी की धूम, निकली शोभायात्रा
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चित्तौड़गढ़ (प्रातःकाल संवाददाता)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami) के अवसर पर अहीर समाज द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरुवार को शहर में कलश व शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा इंदिरा गाँधी स्टेडियम से प्रारंभ हुई। जिसमें आगे घोड़े, ऊंट, हाथी रहे। वीरांगना भगवा साफेबांधे हाथो में ध्वज लिए अश्वो पर थी। बैंड बाजो के साथ महिलाओ ने 501 कलश ले रखे थे। भगवान श्री कृष्ण के भजनो व जयकारो के साथ बड़ी हर्षोउल्लास के साथ सभी भक्त भजनो पर झूम रहे थे। अहीर समाज के सभी पुरुषो ने श्वेत वस्त्र, केसरिया साप्पा व हाथो

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चित्तौड़गढ़ (प्रातःकाल संवाददाता)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Sri Krishna Janmashtami) के अवसर पर अहीर समाज द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरुवार को शहर में कलश व शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा इंदिरा गाँधी स्टेडियम से प्रारंभ हुई। जिसमें आगे घोड़े, ऊंट, हाथी रहे। वीरांगना भगवा साफेबांधे हाथो में ध्वज लिए अश्वो पर थी। बैंड बाजो के साथ महिलाओ ने 501 कलश ले रखे थे। भगवान श्री कृष्ण के भजनो व जयकारो के साथ बड़ी हर्षोउल्लास के साथ सभी भक्त भजनो पर झूम रहे थे। अहीर समाज के सभी पुरुषो ने श्वेत वस्त्र, केसरिया साप्पा व हाथो में श्री कृष्ण के ध्वज लिए पंजाबी ढोल नगाड़ों के साथ एक ताल में चल रहे थे। शोभायात्रा का विशेष आकर्षण पंजाब से आये गुरु गोविन्द पब्लिक बेंड रहा। बग्गी में सवार नन्हे से कृष्णराधा की जोड़ी ने सबका मन मोह लिया। अंत में ट्रेक्टर पर प्रभु श्री कृष्णा राधा की आकर्षक इलक्ट्रोनिक झांकी थी जो चारो दिशाओं में दशर्न दे रही थी। नगर के मुख्य चौराहे पर तोपों से फूल वर्षा की जा रही थी। शोभायात्रा का विभिन्न स्थानों पर नगर वासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। शोभायात्रा कलेक्ट्री चौराहा से रोडवेज बस स्टेंड से होते हुए राणा सांगा बाजार, प्राइवेट बस स्टैंड से महेश भवन गांधीनगर में संपन्न हुई।
श्रद्धा से मनाया जन्माष्टमी पर्व
मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्यजी वेदपीठ पर जन्माष्टमी महोत्सव पूरी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। वेदपीठ प्रवक्ता ने बताया कि भाद्रपद कृष्णा अष्टमी एवं रोहिणी नक्षत्र के योग के फ्लस्वरूप पर वेदपीठ पर बुधवार को मनाई गई जन्माष्टमी के अवसर पर समूचे वेदपीठ परिसर को गोकुल का स्वरूप दिया गया। ठाकुर जी जहां श्री कृष्ण के स्वरूप में भक्तों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहे वहीं यमुना तट के रूप में मंदिर में जल भराव कर नौका विहार के साथ दर्शकों को ऐसी अनुभूति कराई मानों वे वृद्धावन में बांके बिहारीजी के दर्शन कर रहे हो। इस दौरान कान्हा स्वरूप में मोर पंख के साथ श्यामवर्ण में ठाकुर जी की मनमोहिनी छवि लता पता के साथ मयूर की अठखेलियों के बीच नौका विहार का दृश्य देखते ही बनता था। मध्यरात्रि को कृष्ण स्वरूप में ठाकुर जी की महाआरती के पश्चात 51 किलो से अधिक पंजेरी का प्रसाद वितरण किया गया। 
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