✕
भाजपा शहर अध्यक्ष के इंटरव्यू, शहर के दावेदारों की की उड़ी नींदें
By EditorialPublished on
शहर भाजपा (bjp) में पिछले दो दिनों से जबरदस्त हलचल मची हुई है। शहर भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा एक इन्टरव्यू (Interview) में प्रदेश नेतृत्व को शहर विधानसभा (vidhansabha) से कुछ गिने-चुने दावेदारो के नाम भेजने का कहने के बाद से ही अन्य दावेदारों में आक्रोश व्याप्त हो गया । अन्य | दावेदारों का कहना है कि यदि प्रदेश नेतृत्व ने उदयपुर (udaipur) शहर के नाम से नाम मांगे थे शहर जिलाध्यक्ष को सभी दावेदारों से चर्चा कर नाम भेजने चाहिए थे। ऐसे में एक 2018 में दावेदारी करने वाले एक 'नेता' ने प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस
_202309061205117392.jpg)
x
उदयपुर. नगर संवाददाता | शहर भाजपा (bjp) में पिछले दो दिनों से जबरदस्त हलचल मची हुई है। शहर भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा एक इन्टरव्यू (Interview) में प्रदेश नेतृत्व को शहर विधानसभा (vidhansabha) से कुछ गिने-चुने दावेदारो के नाम भेजने का कहने के बाद से ही अन्य दावेदारों में आक्रोश व्याप्त हो गया । अन्य | दावेदारों का कहना है कि यदि प्रदेश नेतृत्व ने उदयपुर (udaipur) शहर के नाम से नाम मांगे थे शहर जिलाध्यक्ष को सभी दावेदारों से चर्चा कर नाम भेजने चाहिए थे। ऐसे में एक 2018 में दावेदारी करने वाले एक 'नेता' ने प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस पर कार्यवाही करने की मांग की है। इधर जिलाध्यक्ष का कहना है कि जो भी दावेदारी करना चाहता है वह अभी भी अपनी दावेदारी शहर प्रभारी के सामने कर सकता है।
जानकारी के अनुसार भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रविन्द्र श्रीमाली (Ravindra Srimali) ने एक इन्टरव्यू में यह कहा कि उनसे प्रदेश नेतृत्व ने कुछ शहर से चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों के नाम मांगे थे, जिस पर उन्होंने कुछ लोगों के नाम भेजे है, जिसमें शहर जिलाध्यक्ष रविन्द्र श्रीमाली ने अपना भी नाम दावेदार के रूप में बताया । इस इन्टरव्यू में श्रीमाली ने कुछ नाम ही बताए। जैसे ही यह इन्टरव्यू लोगों ने देखा तो अन्य दावेदार जिनका नाम श्रीमाली ने नहीं बोला उनमें हड़कंप मच गया और भाजपा में एक नई चर्चा शुरू हो गई। जिसमें अन्य दावेदार यह कह रहे है कि शहर के नेता तो परिवर्तन यात्रा (parivartan yatra) में लगे है तो प्रदेश नेतृत्व ने यह नाम कब मांगे लिए और यदि नाम भी मांगे हो तो कम से कम शहर जिलाध्यक्ष रविन्द्र श्रीमाली को सार्वजनिक रूप से सभी से चर्चा नाम भेजने चाहिए । अधिकांश दावेदारों का कहना है कि संगठन की रीति-नीति में यह नहीं होता है कि बिना पूछे इस तरह से शहर जिलाध्यक्ष अपनी मर्जी से नाम भेज दे । शहर विधानसभा से चुनाव लड़ने के दावेदारों का कहना है कि इस तरह से तो अन्य दावेदारों के साथ गलत किया गया और श्रीमाली ने अपने चहेते और जो पावरफुल है उनका ही नाम लिखकर भेजा है। ऐसे में अन्य दावेदार तो धरे के धरे रहे गए, जो शहर विधानसभा से तैयारियां कर रहे है । इधर इस मामले में जब शहर जिलाध्यक्ष रविन्द्र श्रीमाली से बात की तो उनका कहना है कि उनके पास करीब 20 दिन पूर्व प्रदेश नेतृत्व ने नाम मांगे थे तो शहर महामंत्री गजपाल सिंह और तीन-चार अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठकर जो नाम चर्चा में थे उन नामों को लिखकर भेज दिया। साथ ही श्रीमाली ने कहा कि मैं खुद भी दावेदार हूँ तो मैने मेरा नाम भी लिखकर भेजा है। श्रीमाली ने कहा कि अभी भी जो चुनाव लड़ना चाहता है वह प्रभारी को अपना नाम या बायोडेटा दे दे वे जयपुर (jaipur) प्रदेश नेतृत्व के पास नाम भेज दे ताकी वे भी लिस्ट में आ जाएंगे।
मैं कुछ नाम बोलना भूल गया था, लेकिन उन सभी के नाम लिखकर भेजे है जो दावेदारी कर रहे है। यदि ओर भी दावेदार है तो वे अपना नाम और बायोडेटा प्रभारी को दे सकतें है।
- रविन्द्र श्रीमाली, जिलाध्यक्ष उदयपुर शहर
प्रदेश संगठन ने शहर के आकांक्षी लोगों के नाम मांगे थे तो शहर अध्यक्ष और पांच सदस्य टीम ने नाम भेजे थे। यदि जिला अध्यक्ष जी दावेदार के कह रहे थे यह उनका व्यक्तिगत बयान है।
- बंशीलाल खटीक, भाजपा शहर प्रभारी
कई दावेदारों के नाम छूटे
शहर जिलाध्यक्ष रविन्द्र श्रीमाली द्वारा दिए गए इन्टरव्यू में शहर से करीब 6 से 7 दावेदारों के नाम छूट गए, जिससे दावेदार टेंशन में आ गए है कि उनका नाम क्यों नहीं लिया। ऐसे में दावेदार अब अपने सोर्स से यह पता लगाने का प्रयास कर रहे है कि जो सूची भेजी थी उसमें उसका नाम है नहीं। यदि नहीं है तो वह अपना नाम जयपुर सूची में शामिल करवाने के फिराक में है ।
एक नेता ने प्रदेश नेतृत्व को लिखी चिट्ठी
इधर वर्ष 2018 में भी तत्कालीन गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया (Gulabchand Kataria) के सामने दावेदारी करने वाले प्रदीप श्रीमाली ने प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी (CP Joshi) को इस इन्टरव्यू के बाद एक पत्र लिखा है। जिसमें बताया कि वर्तमान मे भाजपा की परिवर्तन यात्रा चल रही है। चुनाव को लेकर प्रदेश संगठन का ना कोई निर्देश है ना कोई सूचना । इस दौरान शहर जिलाध्यक्ष ने विधानसभा चुनाव को लेकर एक सूची तैयार भेजने की जानकारी दी जा रही है, जो उचित नहीं है। इसके लिए ना बायोडाटा लिया ना ही कोई प्रदेश या राष्ट्रीय टीम के पर्यवेक्षक आए । खुद ही सूची बनाकर भेज दी। इससे विवाद उत्पन्न होता है। ऐसा ही था तो इच्छुक उम्मीदवार के बायोडाटा (biodata) मागते या कोई पार्टी मीटिंग बुलाकर बात करनी चाहिए। शहर विधानसभा में 2018 मैने भी दावेदारी पेश की थी और 2023 भी पुन: दावेदारी है। इस विषय पर प्रदेश नेतृत्व को संज्ञान लेना चाहिए।

Editorial
Next Story
Related News
X
