Rajasthan Mission 2030
राजसमंद (प्रातः काल संवाददाता)। प्रदेश के चहूँमुखी विकास और राजस्थान को वर्ष 2030 तक देश का नंबर वन स्टेट बनाने के लिए अभियान राजस्थान मिशन 2030 के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से विजन दस्तावेज 2030 के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न सेवा क्षेत्रों से प्रतिभागियों ने अपनी राय दी। सेवा मंदिर से ज्योति टांक, जतन संस्थान के रणवीर सिंह, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से स्वाति भंडारी, प्लान इंडिया से अर्पिता, सेव द चिल्ड्रन संस्थान के भंवर शर्मा आदि ने राय दी।
बाल विकास परियोजना अधिकारी विपुल जोशी ने बताया कि मिशन 2030 के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों का ढांचागत सुधार के साथ-साथ पूर्व प्राथमिक शिक्षा मानदेय कर्मियों का चयन निर्धारित मापदंड के तहत तथा पोषाहारयुक्त गुणवत्ता यथा प्रोटीन, आयरन आदि तत्वों को शामिल करते हुए, फल सब्जियों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उपेंद्रनाथ दवे ने बताया कि प्रत्येक सेक्टर पर महिला पर्यवेक्षक स्तर के लिए कार्यालय खोला जाना चाहिए तथा उन्हें सेक्टर स्तर पर कार्मिक व कंप्यूटर उपलब्ध कराया जायें ताकि आसानी से सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वार्षिक उत्सव का आयोजन भी किया जाना चाहिए ।
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