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सीएम शिंदे ने फडणवीस और अजीत पवार से विवाद पर तोड़ी चुप्पी
By EditorialPublished on
महाराष्ट्र (Maharashtra) में 1 सितंबर (शुक्रवार) को मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर भड़क उठा। कुछ मराठा (Maratha) समूहों द्वारा हिंसक आंदोलन (Violent Movement) सोलापुर, औरंगाबाद, नागपुर और महाराष्ट्र के अन्य जिलों तक फैला। इस विरोध प्रदर्शन में दर्जनों पुलिसकर्मियों और अन्य के घायल हुए। हिंसा के मद्देनजर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) का 3 सितंबर (रविवार) को बयान सामने आया ।

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प्रातःकाल संवाददाता मुंबई । महाराष्ट्र (Maharashtra) में 1 सितंबर (शुक्रवार) को मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर भड़क उठा। कुछ मराठा (Maratha) समूहों द्वारा हिंसक आंदोलन (Violent Movement) सोलापुर, औरंगाबाद, नागपुर और महाराष्ट्र के अन्य जिलों तक फैला। इस विरोध प्रदर्शन में दर्जनों पुलिसकर्मियों और अन्य के घायल हुए। हिंसा के मद्देनजर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) का 3 सितंबर (रविवार) को बयान सामने आया ।
- क्या कहा सीएम शिंदे ने ?
जालना (Jalna) जिला से लगभग 450 किलोमीटर दूर बुलढाणा जिले में एक राजकीय समारोह में भाग लेने के बाद सीएम शिंदे पत्रकारों से बात की। सीएम शिंदे ने कहा कि उनकी सरकार मराठा समुदाय को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। शिंदे ने कहा, हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक मराठा समुदाय को सही से आरक्षण नहीं मिल जाता है। शिंदे ने यह साफ करते हुए कहा कि उनके और राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्रियों के बीच कोई गलतफहमी नहीं है और वे सभी एक अच्छी टीम के रूप में एक साथ काम कर रहे हैं।
- क्या है राज्य में मराठा समुदाय को लेकर यह विवाद ?
राज्य सरकार द्वारा मराठा समुदाय को नौकरियों और शिक्षा में दिए गए आरक्षण को मई 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने अन्य आधारों के अलावा कुल आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा का हवाला देते हुए रद्द कर दिया था। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने जालना हिंसा के सिलसिले में 360 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, इस मामले में 40 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

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