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नई दिल्ली (एजेंसी) । भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो जारी कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और उनकी बहन प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के बीच दरार का दावा किया है। इतना ही नहीं, भाजपा ने वीडियो संदेश में प्रियंका गांधी को राहुल गांधी से अधिक बेहतर और काबिल करार दिया है। इसके लिए उसने कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं के बयान का हवाला दिया है।
भाजपा (BJP) ने वीडियो जारी करते हुए दावा किया है कि एक आम भाई-बहन जैसा दोनों का रिश्ता नहीं है। वीडियो में भाजपा की तरफ से साफ-साफ शब्दों में राहुल गांधी से बेहतर प्रियंका गांधी को बताया जा रहा है। भाजपा ने वीडियो के कैप्शन में लिखा है, एक आम भाई-बहन जैसा नहीं है राहुल गांधी और प्रियंका का रिश्ता । प्रियंका राहुल से तेज है पर राहुल के इशारे पर ही पार्टी नाच रही है, सोनिया गांधी भी पूरी तरह राहुल के साथ हैं। घमंडिया गठबंधन की मीटिंग से प्रियंका का गायब होना यूं ही नहीं है। वीडियो में देखिये, कैसे बहन का इस्तेमाल सिर्फ चुनाव प्रचार के लिए किया जा रहा है। बता दें कि इंडिया गठबंधन की अब तक तीन बैठकें हो चुकी हैं।
हालांकि, अभी तक एक भी बैठक में प्रियंका गांधी को नहीं देखा गया है। वहां, पार्टी की दूसरी पंक्ति के कई नेता इसमें शामिल हो चुके हैं। इससे पहले भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय (Amit Malviya) ने एक वीडियो शेयर कर इसी तरह के आरोप लगाए थे । मालवीय ने कहा था, कांग्रेस समान अधिकार और महिला सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन स्वयं गांधी परिवार में न तो महिला सशक्तिकरण है और न ही समान अधिकार। सब जानते हैं। कि पुत्रमोह में सोनिया गांधी (Soniya Gandhi) बार-बार राहुल गांधी को लॉन्च करती रहीं हैं, लेकिन उन्होंने प्रियंका गांधी को चुनाव तक नहीं लड़ने दिया। कांग्रेस में प्रियंका गांधी सिर्फ चुनाव के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पोस्टर गर्ल बनकर रह गई हैं। वीडियो में आगे कहा गया, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) जैसे राज्य में जहां कांग्रेस (Congress) एक या दो सीटों से ज्यादा नहीं जीत पाती। यही कारण है कि प्रियंका गांधी का राजनीतिक करियर पार्टी कार्यालय से आगे नहीं बढ़ सका। प्रियंका गांधी को कभी चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी गई क्योंकि सोनिया गांधी को डर था कि वह अपने भाई से आगे निकल सकती हैं, वह संसद में राहुल गांधी का बेहतर विकल्प बन सकती हैं। यही वजह है कि मां-बेटे ने प्रियंका को चुनाव लड़ने से रोक दिया है। रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) को भी इसका एहसास हो गया है और अब वह प्रियंका की उम्मीदवारी की वकालत कर रहे हैं।
Editorial

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