BJP-Congress fight
उदयपुर. नगर संवाददाता | फतहसागर की पाल पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट (Beating) में अभी तक भाजपा नेताओं (BJP Leaders) द्वारा अपने ही कार्यकर्ता की सुध नहीं लेने और ना ही पुलिस अधिकारियों को फोन करने का मामला संगठन में अंदर ही अंदर तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद जिस तरह से चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं ने एकदम से इस घटनाक्रम से दूरी बनाई है उसको लेकर भाजपा के अधिकृत व्हाट्स एप्प ग्रुप में जमकर चर्चा हुई। इसके साथ ही शुक्रवार का हुई भाजपा की बैठक में भी भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया और आक्रोश जताया कि इस तरह से एक बूथ अध्यक्ष के साथ मारपीट होने के बाद भी किसी भी नेता ने उसकी सुध ना ली तो आगे कोई भी कार्यकर्ता साथ नहीं देगा।
जानकारी के अनुसार दो-तीन दिन पूर्व फतहसागर पाल पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच में तीखी बहस हो गई थी। इस दौरान कांग्रेस पार्षद गौरव प्रताप सिंह ने भाजपा के बूथ अध्यक्ष मोहनसिंह खरवड़ के साथ मारपीट कर दी थी। बाद में दोनों की ओर से थाने में रिपोर्ट दी थी, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। इधर इस मामले में कांग्रेस पार्षद गौरव प्रताप सिंह के समर्थन में काफी संख्या में कांग्रेस नेता थाने पहुंच गए थे पर भाजपा के बूथ अध्यक्ष मोहन सिंह खरवड़ के समर्थन में केवल अतुल चंडालिया, गजेन्द्र भण्डारी, राजेश वैष्णव, रणजीत सिंह दिग्पाल ही पहुँचे थे और आखिर में तुषार मेहता पहुँचे थे। इस घटना के बाद इस बूथ अध्यक्ष की सुध नहीं लेने पर भाजपा के अधिकृत व्हाट्स एप्प ग्रुप में जमकर चर्चा हुई। इसमें भाजपा नेताओं ने जमकर आक्रोश जताया था।
इधर शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में अतुल चंडालिया ने यह मामला उठाया और कहा कि कार्यकर्ता के साथ मारपीट होने के बाद एक भी नेता ने उससे बात तक नहीं की। गुलाबचंद कटारिया की कुर्सी पर बैठने के लिए 20-22 लोग तैयार खड़े है पर कम से कम कटारिया को 10 प्रतिशत तो आत्मसात करो। यदि कटारिया होते तो ऐसा नहीं होता। चंडालिया ने कहा कि कार्यकर्ता छोटा था, इस कारण कम लोग गए यदि बड़ा होता तो ज्यादा लोग जाते। यह गलत है और सभी को उस समय साथ खड़ा रहना चाहिए था ताकी उसका मनोबल बढ़े। इस बात का गजेन्द भंडारी ने भी समर्थन किया और कहा कि संगठन का कार्यकर्ता है वह हमेशा संगठन के लिस खड़ा है। और वहां जो भी हुआ उसका साथ देना चाहिए। साथ नहीं देने पर उसका मनोबल टूटता है। इस पर भाजपा के अन्य नेताओं ने भी समर्थन दिया। इस दौरान मंच पर मौजूद शहर प्रभारी बंशीलाल खटीक ने कहा कि आगे से ऐसा नही होगा।
चर्चा: पूर्व की तरह आक्रामक नहीं रही भाजपा
इधर इस बात को लेकर शहर भाजपा में यह चर्चा है कि भाजपा पूर्व की तरह आक्रामक नहीं रही। जो-जो चुनावी नेता है वे अपने आप को सुरक्षित करते हुए चल रहे हैं। किसी पचड़े में नहीं पड़ रहे है ताकी उनकी जनता के सामने इमेज खराब ना हो । घटना के दौरान एक युवा नेता भी था, जो केवल बीच-बचाव तक ही सिमित रहा और क्योंकि वे आपस में मित्र थे ।
Editorial

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