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कोहली और अश्विन के पास दो विश्व कप जीतने का मौका
By EditorialPublished on
आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 (ICC World Cup 2023) का बिगुल बज चुका है। पांच अक्टूबर को क्रिकेट (Cricket) के इस सबसे बड़े टूर्नामेंट का पहला मुकाबला खेला जाएगा। सभी टीमें इस वक्त भारत आ चुकी हैं और तैयारी अब अपने आखिरी चरण में है। प्रैक्टिस मैचों का भी आगाज हो गय

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आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 (ICC World Cup 2023) का बिगुल बज चुका है। पांच अक्टूबर को क्रिकेट (Cricket) के इस सबसे बड़े टूर्नामेंट का पहला मुकाबला खेला जाएगा। सभी टीमें इस वक्त भारत आ चुकी हैं और तैयारी अब अपने आखिरी चरण में है। प्रैक्टिस मैचों का भी आगाज हो गया है। हालांकि भारतीय टीम (Indian team) अपना पहला अभ्यास मैच 30 सितंबर को खेलेगी। इस बीच आईसीसी की ओर से जारी की गई स्क्वाड बदलने की डेडलाइन भी खत्म हो गई है। दस में से केवल दो ही टीमें ऐसी है, जिन्होंने अपने स्क्वाड में हल्का सा बदलाव किया है। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपने अपने स्क्वाड में एक एक बदलाव किया है, बाकी पूरी टीम पहले जैसी ही रहेगी। भारतीय टीम में एक बदलाव से अब दो खिलाड़ियों के पास इतिहास रचने का मौका होगा। चलिए जरा समझते हैं कि हम ऐसा क्यों कह रहे हैं। दरअसल 28 सितंबर को देर शाम बीसीसीआई की ओर से ऐलान किया गया कि पहले स्क्वाड में शामिल किए गए अक्षर पटेल की इंजरी अभी ठीक नहीं हुई है, इसलिए उनकी जगह रविचंद्रन अश्विन को टीम में शामिल किया जा रहा है। बाकी खिलाड़ी वही रहेंगे, जिनका पहले ऐलान किया गया था। अब टीम इंडिया के फाइनल स्क्वाड की बात की जाए तो दो खिलाड़ी ऐसे हो गए हैं, जो इससे पहले भी बनडे विश्व कप जीत चुके हैं। भारत ने पहला विश्व कप साल 1983 में कपिल देव की कप्तानी में जीता था, वहीं दूसरी बार साल 2011 में एमएस धोनी की कप्तानी में जीता गया। साल 2011 में जिस टीम ने विश्व कप जीता था, उसमें से केवल दो ही खिलाड़ी ऐसे हैं, जो इस साल के विश्व कप के स्क्वाड में हैं। विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन ।
टीम इंडिया अगर इस साल का विश्व कप अपने नाम करने में कामयाब हो जाती है तो विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन भारत के पहले ऐसे खिलाड़ी बन जाएंगे, जिन्होंने दो वनडे विश्व कप जीते हैं। अभी तक ऐसा कभी नहीं हो पाया है। विराट कोहली ने तो साल 2011 के बाद 2015 और 2019 का भी विश्व कप खेला, लेकिन भारतीय टीम इसमें ज्यादा कुछ नहीं कर पाई। वहीं रविचंद्रन अश्विन ने साल 2011 का विश्वकप खेला और इसके बाद 2015 के विश्व कप में भी वे टीम इंडिया का हिस्सा रहे। लेकिन साल 2019 के विश्व कप में वे टीम में नहीं थे। इस बात की संभावना पहले ही जताई जा रही थी कि अगर अक्षर पटेल पूरी तरह से फिट नहीं होते हैं तो अश्विन को मौका दिया जा सकता है।
यही कारण रहा कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज में मौका दिया गया। वे प्लेइंग इलेवन में खेले और अच्छा प्रदर्शन भी करने में कामयाब रहे। भारत में जब टीम इंडिया स्पिन ट्रेक पर खेलेगी तो अश्विन काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं। देखना होगा कि विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन टीम इंडिया के लिए इतिहास रचने का काम कर पाते हैं या फिर उन्हें भी इंतजार करना होगा।

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