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'इस बार मैं नहीं जनता चुनाव लड़ रही'
By EditorialPublished on
सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने कहा है कि इस बार चुनाव मैं नहीं लड़ रहा हूं। इस बार चुनाव जनता लड़ रही है। आप लोग लड़ रहे हो । चुनाव में हम तो कैंपेन करेंगे ही करेंगे, पर जनता इस बार खुद चुनाव मैदान में उतरेगी। वापस सरकार रिपीट करेगी। मुझे यह विश्वास है। इस बार सरकार बन रही है। लोग कह रहे हैं, सरकार बन रही है। गहलोत बिड़ला ऑडिटोरियम में नर्सिंग काउंसिल की नेशनल कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। गहलोत ने कहा- गवर्नेस चाहिए। वो हमने दी है। महिला आरक्षण बिल (women reservation bill) हमने हर क्षेत्र में गुड गवर्ने

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कार्यालय संवाददाता जयपुर। सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने कहा है कि इस बार चुनाव मैं नहीं लड़ रहा हूं। इस बार चुनाव जनता लड़ रही है।
आप लोग लड़ रहे हो । चुनाव में हम तो कैंपेन करेंगे ही करेंगे, पर जनता इस बार खुद चुनाव मैदान में उतरेगी। वापस सरकार रिपीट करेगी। मुझे यह विश्वास है। इस बार सरकार बन रही है। लोग कह रहे हैं, सरकार बन रही है। गहलोत बिड़ला ऑडिटोरियम में नर्सिंग काउंसिल की नेशनल कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। गहलोत ने कहा- गवर्नेस चाहिए। वो हमने दी है। महिला आरक्षण बिल (women reservation bill) हमने हर क्षेत्र में गुड गवर्नेस दी है। हर वर्ग के लिए हमने एक से बढ़कर एक फैसले किए हैं। कर्मचारियों को ओपीएस दिया हैं। किसानों के लिए अलग बजट पेश किया। आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मिशन 2030 बन रहा है।
'विश्वगुरु तब बनोगे जब पहले भुखमरी खत्म करोगे'
गहलोत ने कहा- मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहूंगा कि वे पांचवा कानून बनाएं, राइट टू सोशल सिक्योरिटी एक्ट (Right to Social Security Act) लागू करवाएं। हमने राजस्थान (Rajasthan) में ठवीं की जगह 12वीं तक की फीस सरकार देगी। इतना बड़ा फैसला हमने किया है। विश्व गुरु तब बनोगे जब भुखमरी खत्म होगी। असमानता खत्म होगी । सबको स्वास्थ्य सेवाएं मिले, सबको शिक्षा मिले, पानी बिजली कोई कमी नहीं रहे। सबको सोशल सिक्योरिटी मिलनी चाहिए । राइट टू सोशल सिक्योरिटी एक्ट बना चाहिए।
'नींद खुल जाए तो समझो गुजरात आ गया'
गहलोत ने कहा- राजस्थान में सड़कें शानदार हैं। पहले गुजरात (Gujrat) की सड़कें शानदार थीं। गुजरात से आते वक्त रास्ते में नींद खुल जाए तो समझो राजस्थान आ गया। अब हालात उलटे हो गए हैं। अब राजस्थान से जाते वक्त सड़क के गड्डों से नींद खुल जाए तो समझो कि गुजरात आ गया।
जब राज्य सरकार 25 लाख का स्वस्थ्य बीमा लागू कर सकती है तो केंद्र क्यों नहीं
गहलोत ने कहा- केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा स्कीम केवल 5 लाख तक की है, लोग समझ नहीं पा रहे हैं। उस स्कीम का फायदा केवल सामाजिक आर्थिक जनगणना में शामिल लोगों के लिए है। इसको बहुत लिमिटेड है। राजस्थान सरकार ने सबके लिए स्वास्थ्य बीमा लागू किया है। देश में संघीय ढांचा है। अगर हमारी स्कीम उनको अच्छी लगे तो केंद्रीय स्तर पर लागू करें। केंद्र 25 लाख का बीमा लागू करें। जब राज्य सरकार कर सकती है तो केंद्र क्यों नहीं कर सकता। जब करने की इच्छा शक्ति हो तो क्या नहीं हो सकता है।

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