Udaipur Municipal Councillors Plot Proposal
उदयपुर. नगर संवाददाता | नगर निगम (Municipal council) के पार्षदो (Councilors) को रियायती दर पर प्लॉट (Plot) देने का प्रस्ताव सामने आया है। उप महापौर पारस सिंघवी (Mayor Paras Singhvi) ने यह प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन कांग्रेसी पार्षदों (Congress Councilors) ने भी किया और महापौर ने इस प्रस्ताव पर कहा कि उन्हें इसका एक प्रस्ताव बनाकर भिजवा दिए, जिसे स्वीकृति के लिए जयपुर (Jaipur) भेज दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि पार्षदों के लिए जगह भी हिरणमगरी क्षेत्र में जगह भी है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम में गुरुवार को प्रशासनिक समिति की बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए उप महापौर पारस सिंघवी ने प्रस्ताव रखा कि पार्षदों को भी रियायती दर पर प्लॉट देने चाहिए ताकी वे भी एक जगह पर मकान बनाकर रह सकें। इसके लिए हिरणमगरी क्षेत्र में जगह भी है। यह सुनना था कि इस बैठक में मौजूद सभी समिति अध्यक्ष खुश हो गए और उन्होंने टेबल थपथपाकर अपनी स्वीकृति दी। इस दौरान इस बैठक में कांग्रेस की ओर से अरूण टांक व लोकेश गौड भी बैठे थे। उन्होंने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया और कहा कि पार्षदों को भी रियायती दरों पर प्लॉट मिलना चाहिए। इस पर महापौर जीएस टांक ने भी स्वीकृति देते हुए कहा कि इसका एक प्रस्ताव बनाकर उन्हें भेज दो, जिसे स्वीकृति के लिए जयपुर भिजवा दिया जाएगा। इस दौरान बैठक में अतिक्रमण निरोधक समिति अध्यक्ष छोगालाल भोई, गैराज समिति अध्यक्ष मनोहर चौधरी, कच्ची बस्ती सुधार समिति अध्यक्ष देवेंद्र साहू, राजस्व समिति अध्यक्ष अरविंद जारोली, भवन अनुमति निर्माण समिति अध्यक्ष सीए आशीष कोठारी, विधि समिति अध्यक्षा सोनिका जैन, वित्त समिति अध्यक्षा रूचिका चौधरी, विरासत समिति अध्यक्ष मदन दवे, विद्युत समिति अध्यक्ष हेमंत बोहरा, विधि समिति अध्यक्ष सोनिका जैन, बाल विकास एवं महिला उल्मुलन समिति अध्यक्ष रेखा उंटवाल, आपदा प्रबंधन समिति अध्यक्ष महेंद्र भगोरा, पार्षद लोकेश गौड, अरूण टांक, निगम एससी मुकेश पुजारी सहित सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
पट्टे नहीं मिलने पर उखड़े पार्षद, दो घंटे किया जोरदार हंगामा
इस बैठक में रूके पट्टों का मामला भी उठा और जैसे ही यह मामला उठा तो अधिकांश पार्षदों न हंगामा खड़ा कर दिया। इन पार्षदों का कहना है कि हजारों की संख्या में पट्टे की फाईलें लगी है, लेकिन पट्टे जारी नहीं किए जा रहे है। पार्षदों का कहना है कि जो पैसा दे रहा है उसका पट्टा जारी हो रहा है। कच्ची बस्ती समिति के देवेंन्द्र साहू ने कहा कि सरकार के आदेश के बाद भी पट्टे रोक रखे है। अधिकारियों की मिलीभगत है, जिससे आम जनता परेशान हो रही है। इधर वेणीराम सालवी ने भी कहा कि प्रजापतति नगर के पट्टों को क्यों रोक रखा है यह आज तक समझ में नही आया। आशीष कोठारी ने भी उनके वार्ड में बिना वजह रोक रखे पट्टों पर आक्रोश जताया। पट्टों में हो रही देरी के चलते निगम महापौर गोविंद सिंह टाक ने नाराजगी व्यक्त की। उप महापौर पारस सिंघवी ने भी आक्रोश जताया कि शहरवासियों को 1 महीने से भी अधिक अंतराल होने के बावजूद पट्टा नहीं मिल रहा है। सिंघवी ने कहा कि सही समय पर कार्य नहीं होना लापरवाही की श्रेणी में आता है। यदि काम करने में किसी भी कर्मचारी द्वारा देरी की जाती है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए। महापौर गोविंद सिंह टाक ने बैठक में उपस्थित उपायुक्त सुधांशु सिंह को कहा कि इस काम पर विशेष ध्यान दिया जाए। निगम में अभी तक लगभग 8000 से भी ज्यादा आवेदको द्वारा पट्टे हेतु आवेदन किया है। अब जिसने पहले आवेदन दिया है उनको पट्टे जारी कर दिए गए हैं और जिनके प्रकरण लंबित है उसके सभी दस्तावेजो की जांच की जाए। कोई कमी है तो उस कमी को पूरा करवाकर संबंधित को पट्टा दिया जाए या फाइल को निरस्त किया जाए एवं जिन्होंने बाद में आवेदन किया है उसको बाद में पट्टे जारी किए जाएंगे।
अशोक नगर नाले पर 10 करोड़ खर्च, वार्डों में 20 लाख भी नहीं
इस बैठक में अशोक नगर वाले नाले का मामला तो सामने आया कि इस नाले को नीचा कर सड़क लेवल करने में 10 करोड़ रूपए खर्च आएगा तो अधिकांश पार्षदों ने आक्रोश जताया। पार्षदों ने कहा कि वार्ड को 20-20 लाख रूपए नहीं दिए जा रहे है और अशोक नगर नाले पर 10 करोड़ रूपए खर्च किए जा रहे है। पार्षदों का कहना था कि रिपेयरिंग करवाई जा सकती है। पहले भी शक्तिनगर में नाले को सड़क लेवल पर लाया था, आज वह अवैध रूप से पार्किंग हो रही है। फिर भी यह प्रस्ताव पारित हो गया।
हर जगह सिवरेज निकल रहा, याद रहेगा स्मार्ट सिटी का काम
इस मौके पर पार्षद छोगालाल भोई उठे और अपना आक्रोश जताया कि पहले यह कहा गया कि स्मार्ट सिटी में ऐसा काम होगा कि सभी याद रखेंगे। वाकई में ऐसा काम हुआ है कि लोग याद रखेंगे। भोई ने कहा कि सिवरेज के हर डकर से सिवरेज बाहर निकल रहा है, लोग परेशान हो रहे है। गणपति स्थापना के कार्यक्रम में सिवरेज के ढक्कनों से पानी निकलता रहा, खुद उप महापौर गए हैं। भोई ने कहा कि स्मार्ट सिटी में 10 साल तक काम देखने का काम स्मार्ट सिटी का है तो निगम वहां पर गाड़ियां क्यों भेज रहा है। क्या स्मर्ट सिटी ने पैसा दिया है और कितना दिया है। भोई ने आरोप लगाया कि सब अधिकारियों की मिलीभगत है। इस पर रूचिका चौधरी, देवेन्द साहू मदन दवे, रेखा उठवाल, सोनिका जैन ने भी सवाल उठाए।
लगाओ सीसीटीवी, पता चले कौन दलाल आता है
बैठक में गैराज समिति के अध्यक्ष मनोहर चौधरी ने कहा कि निगम कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाए जिससे निगम में होने वाले क्रियाकलापों की जानकारी रिकार्ड की जा सके। यहां रोज दलाल जा रहे हैं और कर्मचारियों से मिलकर बाहरी लोगों के काम करवा रहे हैं, पैसा ऐंठ रहे है। सीसीटीवी में स्पष्ट हो जाएगा कि कौन दलाल कितनी बार आ रहा है। उसे ब्लैक लिस्टेड़ कर दिया जाए व अधिकारियों कर्मचारियों को पाबंद किया जाए। महापौर टांक, उपमहापौर सिंघवी ने कहा कि शीघ्र हो कार्यवाही होगी।
डिविडिंग मशीन का कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाया जाएगा
सर्वसम्मति से शहर की झीलों की सफाई का कार्य करने वाली डिविडिंग मशीन का कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाया जाएगा। यह मशीन पिछोला, फतह सागर, स्वरूप सागर सहित की झीलों के साफ करने के कार्य करती है।
श्मशान घाट में होंगे विकास कार्य
शहर के सभी शमशान घाट पर विकास कार्य करवाते हुए वहा की स्थिति को सुधारा जाएगा। निगम प्रशासनिक समिति बैठक में सर्वसम्मति से श्मशान घाट पर विकास कार्य करवाने का प्रस्ताव लिया गया। इसमें श्मशान घाट पर रंग रोगन, विद्युत व्यवस्था, बैठक के लिए बैंच इत्यादि लगवाए जाएंगे।
Editorial

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